पुणे MPSC स्टूडेंट प्रोटेस्ट: बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई, एक साथ चल रहे तीन प्रोटेस्ट पर रखी गईं क्या-क्या दलीलें?

हाईकोर्ट ने कहा कि MPSC एग्जाम पूरी तरह ट्रांसपेरेंट और फेयर तरीके से होने चाहिए। अथॉरिटीज को रिक्रूटमेंट प्रोसेस को लेकर स्टूडेंट्स में भरोसा पैदा करने की जरूरत है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अथॉरिटीज को उन पेरेंट्स की मुश्किलों को समझना चाहिए जो अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए पुणे भेजते हैं।

Pune MPSC Protests: पिछले एक हफ्ते से पुणे में तीन अलग-अलग जगहों पर स्टूडेंट प्रोटेस्ट चल रहे हैं। प्रोटेस्ट की वजह से पूरे शहर में ट्रैफिक की बड़ी दिक्कतें और रोड ब्लॉक हो गए हैं। पिटीशनर के वकीलों ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि प्रोटेस्ट से आम लोगों को परेशानी हो रही है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पूछा, क्या स्टूडेंट्स की तरफ से कोई वकील पेश हो रहा है? पिटीशनर के वकीलों ने बताया कि पुणे की आबादी लगभग 70 लाख है और पॉलिटिकल लीडर रेगुलर शहर आ रहे हैं, जिससे सड़कें ब्लॉक हो रही हैं।

Bombay HC

MPSC प्रोटेस्ट पर बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई

सरकार ने कोर्ट को बताया, प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं

सरकार ने कोर्ट को बताया कि अभी चल रहे प्रोटेस्ट के लिए परमिशन नहीं है। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि सही फैसला लेने के लिए काम चल रहा है और गवर्नर को एक रिकमेंडेशन भेज दी गई है। हाई कोर्ट ने कहा कि अथॉरिटीज़ द्वारा लिया गया कोई भी फैसला ट्रांसपेरेंट होना चाहिए। चीफ जस्टिस ने कहा कि पुणे को महाराष्ट्र का एजुकेशनल हब माना जाता है और स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई के लिए बहुत मेहनत करने के बाद शहर आते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा, हमें नहीं लगता कि स्टूडेंट्स सड़कों पर आकर प्रोटेस्ट करना चाहते हैं।कोर्ट ने कहा कि स्टूडेंट्स की मांगों पर विचार किया जाना चाहिए और सही और ट्रांसपेरेंट फैसला लिया जाना चाहिए।

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