Myanmar President India Visit: म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग पांच दिनों के अपने भारत दौरे पर शनिवार को भारत पहुंच रहे हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की यह उनकी पहली यात्रा है। ह्लाइंग की यात्रा की शुरुआत बिहार के गया से होगी। उनके साथ एक बड़ा शिष्टमंडल भी आ रहा है। गया में वह बौद्ध एवं सुजाता मंदिर जाएंगे। शनिवार शाम को वह दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक जून को उनकी शिष्टमंडल स्तर की वार्ता होगी।
म्यांमार के राष्ट्पति यू मिन आंग ह्लाइंग।
दो महीने पहले म्यांमार के राष्ट्रपति
आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा म्यांमा में संसदीय चुनावों के बाद राष्ट्रपति बनने के दो महीने से भी कम समय में हो रही है। ये चुनाव दिसंबर और जनवरी में हुए थे, जो सत्ताधारी सैन्य जुंटा के खिलाफ वर्षों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए थे। सैन्य जुंटा ने एक फरवरी, 2021 को तख्तापलट करके आंग सान सू ची की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंका था। विदेश मामलों के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने पिछले महीने राष्ट्रपति के रूप में आंग ह्लाइंग के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
भारत के साथ लगती है 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा
उन्होंने पिछले पांच वर्षों तक सैन्य शासन के तहत म्यांमा की प्रभावी ढंग से बागडोर संभाली। म्यांमा भारत के रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और इसकी 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा कई पूर्वोत्तर राज्यों से लगती है, जिनमें उग्रवाद प्रभावित नगालैंड और मणिपुर भी शामिल हैं। म्यांमा के राष्ट्रपति के साथ कई कैबिनेट मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी दिग्गजों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा। राष्ट्रपति रहते हुए आंग ह्लाइंग की यह पहली भारत यात्रा होगी।
मुंबई भी जाएंगे म्यांमार के राष्ट्रपति
विदेश मंत्रालय ने कहा, 'राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग एक जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ दोनों देशों के ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। वे एक व्यापारिक फोरम में भी भाग लेंगे।’म्यांमा के राष्ट्रपति 30 मई को बोधगया और दो जून को मुंबई की यात्रा भी करेंगे, जहां वे व्यापारिक और औद्योगिक वार्ताओं में भाग लेंगे और विभिन्न स्थलों का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेसवार्ता में कहा कि म्यांमा के नेता की भारत यात्रा के दौरान सीमा सुरक्षा और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी सहित कई मुद्दों पर होगी वार्ता
उन्होंने कहा, 'सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अन्य मुद्दों के संबंध में भारत और म्यांमा के बीच संबंधों के व्यापक दायरे से जुड़े सभी विषयों पर चर्चा होगी। हमारा उद्देश्य अपने मैत्रीपूर्ण और सभ्यतागत संबंधों को आगे बढ़ाना है।’ जायसवाल ने कहा कि म्यांमा भारत की ’पड़ोसी प्रथम’, ’एक्ट ईस्ट’ और ’महासागर’ नीतियों के लिहाज से एक अहम देश है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल मार्च में मॉरीशस की अपनी यात्रा के दौरान वैश्विक दक्षिण के साथ भारत की भागीदारी के लिए 'महासागर’ या ’क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति’ की परिकल्पना की घोषणा की थी।
