मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच भारत भी अपनी सैन्य क्षमता में लगातार इजाफा कर रहा है। इसी क्रम में जहां बीते दिन रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की अहम बैठक में सेना,वायुसेना और तटरक्षक बल के लिए बड़े पैमाने पर आधुनिक सैन्य प्रणालियों की खरीद को हरी झंडी मिली थी, वहीं आज भारतीय सेना की मारक क्षमता को और मजबूत करते हुए अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत तैयार की गई 2000 प्रहार लाइट मशीन गन (LMG) की पहली खेप सेना को सौंप दी है। यह ऐतिहासिक डिलीवरी कंपनी के ग्वालियर स्थित स्मॉल आर्म्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित समारोह के दौरान की गई।
भारतीय सेना को मिली प्रहार एलएमजी की पहली खेप।
7.62 एमएम की प्रहार एलएमजी सेना की नई ताकत
अदाणी डिफेंस द्वारा बनाई गई यह लाइट मशीन गन 7.62 एमएम कैलिबर की है। इसे आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। अपने हल्के वजन,तेज फायरिंग क्षमता और उन्नत डिजाइन के चलते यह LMG भारतीय सैनिकों की कॉम्बैट क्षमता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
40 हजार LMG का है कुल ऑर्डर
सेना को पहली खेप सौंपते समय कंपनी के प्रवक्ता ने इस डील के बारे में अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुल ऑर्डर लगभग 40,000 लाइट मशीनगम का है, जिसकी सप्लाई चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। शनिवार को पहली खेप रवाना होने के बाद कंपनी जल्द ही अगली डिलीवरी पर काम तेज करने जा रही है।
शनिवार को एक समारोह में सेना को एलएमजी सौंपे गए। इस समारोह में रक्षा मंत्रालय के अधिग्रहण महानिदेशक ए.अनबरासु, अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी और निजी कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अनबरासु ने सेना के लिए बनाई गई एलएमजी की पहली खेप ले जा रहे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस दौरान बातचीत करते हुए अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा कि आज जो यात्रा शुरू हुई है, उसे पूरा करने में हमें बोली जमा करने से लेकर छह साल लगे और हमने इसे निर्धारित समय से 11 महीने पहले पूरा कर लिया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा हमें दी गई मूल समय-सीमा सात साल से अधिक थी,लेकिन मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि अगले तीन वर्षों में पूरा ऑर्डर डिलीवर कर दिया जाएगा।
वहीं, अनबरासु ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में निर्धारित समय से पहले डिलीवरी करके कई महीनों की बचत करने के लिए कंपनी की प्रशंसा की और कहा कि यह दर्शाता है कि अनुबंधों को डिलीवरी में बदलने के लिए समय के खिलाफ "तेजी से काम करने" की क्षमता है। उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा उद्योग के साझेदारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
