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चार राज्यों में विधानसभा की 5 सीटों पर उपुचनाव, मतदान केंद्रों पर उमड़े लोग, 23 जून को आएंगे नतीजे

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  • Updated Jun 19, 2025, 07:59 AM IST

By-Elections on five assembly seats: चार राज्यों में विधानसभा की पांच सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है। गुजरात की विसवादर, कडी, पश्चिम बंगाल की कालीगंज, पंजाब की लुधियाना पश्चिम और केरल के नीलांबुर में मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। मतदान केंद्रों पर लोग पहुंच रहे हैं। इन सभी सीटों के चुनाव नतीजे 23 जून को आएंगे।

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चार राज्यों की पांच सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान।

By-Elections on five assembly seats: चार राज्यों में विधानसभा की पांच सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है। गुजरात की विसवादर, कडी, पश्चिम बंगाल की कालीगंज, पंजाब की लुधियाना पश्चिम और केरल के नीलांबुर में मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। अपना वोट डालने के लिए मतदान केंद्रों पर लोग पहुंच रहे हैं। इन सभी सीटों के चुनाव नतीजे 23 जून को आएंगे।

इन वजहों से हो रहा उपचुनाव

गुजरात की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। हां की कडी सीट पर विधायक करसनभाई पंजाबभाई सोलंकी की मृत्यु के बाद उपचुनाव कराया जा रहा है। इसके अलावा राज्य की विसावदर सीट पर भी भयानी भूपेंद्रभाई गंडूभाई के इस्तीफे के कारण उपुचनाव कराया जा रहा है। केरल की नीलांबुर सीट पर पी वी अनवर के इस्तीफे के बाद उपचुनाव कराया जा रहा है। वहीं पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर मौजूदा सदस्य गुरप्रीत बस्सी गोगी की मृत्यु के कारण उपचुनाव होना है। पश्चिम बंगाल की कालीगंज विधानसभा सीट पर मौजूदा विधानसभा सदस्य नसीरुद्दीन अहमद की मृत्यु के कारण उपचुनाव जरूरी हो गया है।

लुधियाना पश्चिम सीट पर कड़ा मुकाबला

लुधियाना पश्चिम के उपचुनाव सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के लिए पंजाब में अपनी पकड़ साबित करने की 'कसौटी' होंगे। जबकि पूर्व में इस शहरी सीट पर छह बार विजयी रही कांग्रेस भी यहां फिर फतह हासिल करने के लिए जोर लगा रही है। यद्यपि उपचुनाव में इस सीट पर मुख्य मुकाबला आप और कांग्रेस के बीच है, लेकिन नतीजे यह भी दिखाएंगे कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब में शहरी मतदाताओं पर कैसी पकड़ है।

नीलांबुर उपचुनाव में छिड़ी नई बहस

नीलांबुर उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस बीच इस निर्वाचन क्षेत्र में 1970 के दशक में माकपा और जनसंघ (भाजपा का पूर्व संगठन) के बीच कथित समझौते को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। कांग्रेस-यूडीएफ उम्मीदवार आर्यदान शौकत ने कहा कि इस तरह के और गठबंधन बनने की काफी संभावनाएं हैं, जबकि माकपा-एलडीएफ उम्मीदवार एम स्वराज ने कहा कि उस समय वामपंथियों ने जनसंघ के साथ नहीं, बल्कि जनता पार्टी के साथ सहयोग किया था। उन्होंने कहा कि उस दौरान अलग-अलग विचारधारा वाले लोग जनता पार्टी का हिस्सा बन गए थे।

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