Uniform Civil Code Controversy: सीनियर भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का यह सही समय है। इस कानून के लिहाज से यह अभी या कभी नहीं की स्थिति है। यह सभी के लिए समानता और न्याय सुनिश्चित करेगा। नकवी ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सांप्रदायिक राजनीति से दूर रहें।
नकवी ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा वर्ष 1985 में की गई ‘क्षणभर की गलती’ देश के लिए ‘दशकों तक का दंड’ बन गई, जब इस पार्टी ने शाह बानो मामले में समावेशी सुधार पर सांप्रदायिक हमले के लिए संसद में अपने संख्या बल का ‘दुरुपयोग’ किया था। सुधार करने के बजाय कांग्रेस एक बार फिर उसी भूल को दोहरा रही है। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने एक रोज पहले शुक्रवार को कहा था कि केंद्र में राजग नीत सरकार देश में प्रत्येक नागरिक के लिए न्याय का अधिकार सुनिश्चित करने के वास्ते समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने शनिवार को केरल में मुस्लिम समुदाय से आग्रह किया कि वह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के खिलाफ सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और अन्य के दुष्प्रचार में न फंसे, जबकि सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया है कि पीएम मोदी पहले यह बताएं कि यूसीसी का मतलब क्या है?
दरअसल, यूसीसी का आशय एक साझा कानून से है जो देश के सभी नागरिकों पर लागू होता है और विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार और गोद लेने समेत अन्य निजी मामलों से निपटने में यह धर्म पर आधारित नहीं होगा। देश का मिजाज सांप्रदायिक साजिश करने वाले उन लोगों के शिकंजे से स्वतंत्र यूसीसी बनाना है, जिन्होंने इसे पिछले सात दशकों से अपनी संकीर्ण मानसिकता और स्वार्थ के लिए बंधक बना रखा है।
