PM मोदी का मंत्र- 'जनता पहले, फैसले बाद में', विभागों और मंत्रालयों के बीच दूरियां खत्म करने पर जोर; विकसित भारत की नई रणनीति तैयार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर सुशासन और प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की हर नीति और फैसला आम नागरिकों की जरूरतों और आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए।

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के शीर्ष नौकरशाहों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शासन और प्रशासन का केंद्र हमेशा आम नागरिक होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की हर नीति और हर निर्णय देशवासियों के हितों और उनकी आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर ही लिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने मंत्रालयों और विभागों के बीच मौजूद क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर स्तर की कार्यप्रणाली संबंधी बाधाओं को समाप्त करने पर बल दिया, ताकि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ काम करें और एकीकृत परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

Prime Minister Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो- PTI)

मंत्रालयों और विभागों की भविष्य की कार्य योजना की समीक्षा

बैठक में वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग तथा प्रौद्योगिकी से जुड़े मंत्रालयों और विभागों की भविष्य की कार्य योजना की समीक्षा की गई। सरकार के अनुसार, यह चर्चा विकसित भारत के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदमों का हिस्सा थी। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बैठक में वित्त, अर्थव्यवस्था, उद्योग, व्यापार और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने नागरिक-केंद्रित शासन को मजबूत बनाने, बुनियादी ढांचे के विकास, स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने और प्रमुख क्षेत्रों में युवा उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

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