भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 9 अगस्त का दिन बेहद खास माना जाता है। इसी दिन साल 1942 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में 'भारत छोड़ो आंदोलन' की शुरुआत हुई थी। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंदोलन में हिस्सा लेने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल हुए महान लोगों का अदम्य साहस और त्याग हर देशवासी के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
आजादी के महासंग्राम को याद कर बोले पीएम मोदी (फाइल फोटो)
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी द्वारा दिए गए 'भारत छोड़ो' के उस एक आह्वान ने पूरे देश में आजादी की लड़ाई को एक नई दिशा और अभूतपूर्व ऊर्जा दी थी। इस आंदोलन ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ भारतीय जनता के उस अटूट संकल्प को दुनिया के सामने रखा, जो किसी भी कीमत पर औपनिवेशिक शासन से मुक्ति पाना चाहती थी।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: 'अब कोई रास्ता नहीं बचा, अमित शाह को जवाब देना पड़ेगा...', छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर हमला
गौरतलब है कि 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पूरी हो गई है। यह आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम का वह निर्णायक मोड़ था, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाकर रख दी थी। महात्मा गांधी का 'करो या मरो' का नारा देश के कोने-कोने में गूंज उठा था और बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई देश की आजादी के लिए सड़कों पर उतर आया था।
प्रधानमंत्री के अनुसार, हमारे पूर्वजों द्वारा दिखाए गए इसी साहस और निष्ठा के बल पर आज का भारत आगे बढ़ रहा है। आजादी के इन मतवालों की कहानियां न केवल हमारे गौरवशाली अतीत की याद दिलाती हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्र निर्माण और देश सेवा के मार्ग पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहती हैं।
