BRICS Summit 2026: बिक्स शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की द्विपक्षीय मुलाकात हुई। इस मुलाकात के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत और रूस के बीच बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और वैश्विक मुद्दों को लेकर अहम चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय क्षेत्र में भारत-रूस संबंधों की प्रगति पर विचार साझा किए। इस दौरान खास तौर पर वर्ष 2026 में भारत की अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
पुतिन ने पीएम मोदी को रूस आने का दिया न्योता, 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल। ANI
बैठक में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर साझा हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। इनमें पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्ष प्रमुख रहे। इन संघर्षों का असर समुद्री व्यापार के साथ-साथ भारतीय नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा पर भी पड़ा है। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि संघर्षों के समाधान का रास्ता संवाद और कूटनीति के जरिए ही निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत शांति स्थापित करने के प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार है।
नाविकों की सुरक्षा पर भारत ने जताई चिंता
पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र की स्थिति का अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर व्यापक असर देखने को मिला है। ऐसे में भारतीय नाविकों की सुरक्षा भी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बनी हुई है। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में इन चुनौतियों पर भी विचार साझा किए गए।
भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में रूस के साथ बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को लेकर हुई चर्चा को अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने की दिशा में भी बातचीत हुई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत संघर्षों को बढ़ाने के बजाय बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समाधान निकालने का पक्षधर है। साथ ही, भारत ने जरूरत पड़ने पर शांति प्रयासों में अपनी भूमिका निभाने की तत्परता भी दोहराई।
पुतिन ने पीएम मोदी को रूस आने का दिया न्योता
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस की यात्रा का न्योता दिया है। यह यात्रा 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ आपसी हितों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को रूस आने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए शिखर सम्मेलन में शामिल होने पर सहमति जताई है। हालांकि, प्रधानमंत्री की रूस यात्रा की तारीख अभी तय नहीं हुई है। दोनों देशों की आपसी सुविधा के अनुसार राजनयिक माध्यमों से यात्रा की तारीख तय की जाएगी। भारत और रूस के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस बैठक में आम तौर पर रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, निवेश और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग की समीक्षा की जाती है।
