Jaspal Rana Death: दिग्गज शूटर एवं कोच जसपाल राणा के निधन पर देश में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अलग-अलग क्षेत्रों की शख्सियतों ने अपनी शोक-संवेदना जाहिर की है। पीएम मोदी ने कहा कि जसपाल राणा के निधन से भारतीय खेल जगत को भारी क्षति पहुंची है। पीएम ने कहा कि निशानेबाजी में राणा ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया। साथ ही एक मेंटर के रूप में उन्होंने नए एवं युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन और उन्हें प्रेरित किया।
49 साल की उम्र में शूटर जसपाल राणा का निधन।
X पर अपने ट्वीट में पीएम ने कहा, 'उत्कृष्टता, अनुशासन और खेल जगत की सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें अपार सम्मान और प्रशंसा दिलाई। इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और पूरे खेल जगत के साथ हैं। ॐ शांति।'
मैक्स अस्पताल में ली अंतिम सांस
राणा 49 साल के थे। वह भारत के पिस्टल शूटर्स के हाई परफॉर्मेंस कोच की भूमिका निभा रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक म्यूनिख में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उन्हें कुछ असहज महसूस हुआ। दिल्ली पहुंचने पर उन्हें साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने जसपाल राणा के निधन की पुष्टि की। राणा का निधन भारतीय शूटिंग के लिए एक बड़ा झटका है। शूटिंग में राणा ने तीन दशक से ज्यादा समय अपनी सेवाएं दी। उन्होंने खिलाड़ी और कोच दोनों की भूमिका बखूबी निभाई।
रक्षा मंत्री ने जताई शोक-संवेदना
राणा के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा कि 'अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शूटर जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से मैं स्तब्ध और शोकाकुल हूं। जसपाल एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच होने के साथ-साथ अत्यंत सहज, सरल और बहुत ही नेकदिल इंसान थे। भारत में शूटिंग को एक खेल के रूप में लोकप्रिय बनाने में उनकी बड़ी प्रभावी भूमिका थी।'
जसपाल के निधन से अत्यंत दुखी हूं-खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'भारतीय खेल जगत की महान हस्ती और देश के सबसे महान निशानेबाजों में से एक जसपाल राणा जी के निधन से अत्यंत दुखी हूं। विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ाने से लेकर नई पीढ़ी के निशानेबाजों को तैयार करने तक, भारतीय खेलों में उनका योगदान वास्तव में असाधारण था। उन्होंने उत्तराखंड की सेवा के लिए सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनके परिवार, मित्रों और पूरे खेल जगत के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।"
हमारे देश की शान थे जसपाल-कीर्ति आजाद
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, 'जसपाल हमारे देश की शान थे। उन्होंने भारत के लिए अनेक पदक जीते। मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता था और वह मुझे 'भैया' कहकर बुलाते थे। वह बेहद अच्छे और विनम्र स्वभाव के इंसान थे। इतनी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद वह पूरी तरह जमीन से जुड़े रहे। उन्होंने अपनी खुद की अकादमी भी चलाई, जहां बच्चों को निशानेबाजी का प्रशिक्षण निःशुल्क दिया जाता था। उनका निधन वास्तव में खेल जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति और संबल प्रदान करें। उनकी आत्मा को शांति मिले और उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।'
निधन की खबर पाकर मेरा हृदय टूट गया-बिंद्रा
वहीं, अभिनव बिंद्रा ने कहा कि 'जसपाल राणा के निधन की खबर सुनकर मेरा हृदय टूट गया है। जसपाल मेरे साथी खिलाड़ी थे और कई मायनों में उस पीढ़ी का हिस्सा थे जिसने भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दी। वह बेहद प्रतिभाशाली, समर्पित और जुनूनी खिलाड़ी थे। जब भी वह निशानेबाजी रेंज पर उतरते थे, देश का गौरव अपने साथ लेकर चलते थे। यह हमारे खेल के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। उनके परिवार, मित्रों, शिष्यों और उन सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, जिनके जीवन को उन्होंने किसी न किसी रूप में छुआ।
