महिला आरक्षण बिल पर आज यानी गुरुवार 16 अप्रैल को PM Modi ने लोकसभा की चर्चा में भाग लिया। इस दौरान अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस मामले में हम पहले ही देर कर चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस देर के कारण भले ही कुछ भी हों, जिम्मेदार भले ही कोई भी हो। उन्होंने कहा, आज का दिन महत्वपूर्ण है, आज का दिन 21वीं सदी का सबसे बड़ा दिन है।
PM Modi बोले महिला आरक्षण देने में पहले ही देर हो चुकी है
पीएम मोदी ने इस दौरान अपनी बात रखते हुए कहा कि विकसित भारत का मतलब सिर्फ उत्तर प्रकार की रेल, रास्ते, इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक प्रगति के आंकड़े ही नहीं होते हैं। हमारी कल्पना सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, देश की 50 फीसद जनता नीति निर्धारण में हिस्सा बने, यह समय की मांग है।
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विरोध करने वालों को महिलाओं ने माफ नहीं किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब से इस बिल (Women Reservation Bill) पर चर्चा शुरू हुई है, तब से जब-जब भी चुनाव आया है, हर चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का विरोध करने वालों को महिलाओं ने माफ नहीं किया। विरोध करने वालों का महिलाओं ने बुरा हाल किया है। उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि सभी दलों ने महिला आरक्षण का समर्थन किया। इस बार महिला आरक्षण के मामले में सभी दल साथ थे।
महिला आरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि आज भी इस मुद्दे पर सब साथ रहें तो यह किसी एक पार्टी के राजनीतिक पक्ष में नहीं जाएगा। इस शुभ कार्य का यह हम सबको मिलेगा। जिन लोगों को इसमें राजनीतिक बू आ रही है, वह 30 साल का अपना रिजल्ट देख लें, फायदा इसी में है। इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की आवश्यकता नहीं है।
अपने इस संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हम इस भ्रम में न रहें कि हम देश की महिलाओं को कुछ दे रहे हैं। बल्कि स्थिति ये है कि हमने इसे कई वर्षों से रोक रखा है। अब उनका हक उन्हें लौटाने का वक्त है।
