प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UAE, नीदरलैंड्स , स्वीडन, नॉर्वे, और इटली की अपनी यात्रा से वापस लौट आए हैं। प्रधानमंत्री के इस दौरे पर सबसे ज्यादा चर्चा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) के साथ उनकी कैमिस्ट्री को लेकर रही। कल यानी बुधवार 20 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेलोनी का एक शॉर्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री को भारतीय कंपनी की बनाई गई टॉफी Melody गिफ्ट की। इटली की प्रधानमंत्री वीडियो में कहती सुनाई दे रही हैं कि पीएम मोदी उनके लिए एक गिफ्ट लेकर आए हैं, फिर पीएम मोदी Melody का पैकेट दिखाते हैं और दोनों हंस पड़ते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर रील और मीम की बाढ़ सी आ गई। दोनों को लेकर फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से लेकर 'धुरंधर' तक के सीन को एआई से एडिट करके रील बनाई गईं। वैसे बता दें कि सोशल मीडिया पर पहले से ही मेलोनी और मोदी की जोड़ी को मेलोडी (Melody) कहा जाता रहा है। जब आप इन सब रील और मीम को देखने के लिए मोबाइल पर उंगली घिस रहे थे, उस उस समय शायद आपको पता भी नहीं होगा कि प्रधानमंत्री मोदी इटली में इटली के साथ कितनी बड़ी-बड़ी डील कर आए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली में करके आए ये डील्स
अगर आप PM Modi और सरकार के प्रशंसक हैं तो आपको उनके मेलोनी को मेलोडी टॉफी देने में कूटनीति नजर आई होगी। अगर आप उनके आलोचक हैं तो आपने उस वीडियो का इस्तेमाल उनकी आलोचना के लिए किया होगा, लेकिन यह तय है कि देखा जरूर होगा। उस वीडियो के बाद हालात ये हो गए कि ऑनलाइन ग्रोसरी स्टोर्स पर मेलोडी टॉफी आउट ऑफ स्टॉक होने लगी। लोगों ने शेयर मार्केट में पार्ले नाम के एक शेयर पर इतने पैसे लगाए कि शेयर में अपर सर्किट लग गया। जबकि मेलोडी टॉफी बनाने वाली पार्ले कंपनी शेयर मार्केट में लिस्टेड ही नहीं है। खैर चलिए पीएम मोदी और पीएम मेलोनी की कैमिस्ट्री के अलावा जानते हैं पीएम मोदी के इटली दौरे पर दोनों देशों के बीच क्या समझौते हुए।
दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाते हुए, स्पेशल स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप में बदला है। इस दौरान दोनों देशों ने डिफेंस से लेकर दुर्लभ खनिज, उच्च शिक्षा, समुद्री परिवहन, स्वास्थ्य, कृषि, संस्कृति, पर्यावरण रिसर्च और आयुर्वेद के क्षेत्र में कई एग्रीमेंट पर दस्तखत किए हैं। इन सब समझौतों से दोनों देशों के बीच संबंध और प्रगाढ़ होंगे। दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी कॉलेबोरेशन, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार और लोगों के आपसी संबंधों पर जोर दिया गया। दोनों देश राजनीतिक और रणनीतिक सहयोग के नए आयाम खोलने पर भी सहमत हुए हैं।
इन क्षेत्रों में ही डील
डिफेंस, टेक्नोलॉजी और स्ट्रैटजिक को-ऑपरेशन
भारत और इटली ने रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने के लिए डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य रक्षा निर्माण, एडवांस टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और संयुक्त उत्पादन को बढ़ावा देना है। दोनों देश स्वदेशी रक्षा क्षमता निर्माण और विश्वसनीय साझेदारों के साथ तकनीकी सहयोग पर फोकस करेंगे। यह समझौता भारत के ‘आत्मनिर्भर रक्षा’ मिशन को भी गति देगा।
क्रिटिकल मिनरल्स को-ऑपरेशन MoU
भारत और इटली ने क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, तकनीकी सहयोग और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है। ये खनिज इलेक्ट्रिक गाड़ियां, बैटरी और रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम के लिए बहुत ही जरूरी माने जाते हैं।
आर्थिक अपराध के खिलाफ सहयोगी
इटली की Guardia di Finanza और भारत के प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बीच आर्थिक अपराधों से निपटने के लिए भी समझौता हुआ है। दोनों एजेंसियां टैक्स अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ मिलकर काम करेंगी। इस सहयोग से सीमा पार वित्तीय अपराधों की जांच में बेहतर तालमेल और क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा, शोध और इनोवेशन के क्षेत्र में पार्टनरशिप
भारत और इटली ने हायर एजुकेशन, रिसर्च और इनोवेशन को मजबूत करने के लिए नई साझेदारी की घोषणा की है। इसके तहत रिसर्च क्वालिटी सुधारने, संस्थागत सहयोग बढ़ाने और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान पर जोर रहेगा। साथ ही युवाओं की स्किल डेवलपमेंट और रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
IITM पुणे-CMCC जलवायु पार्टनरशिप
पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) और इटली के CMCC ने जलवायु और स्थिरता अनुसंधान पर MoU किया है। दोनों संस्थान क्लाइमेट चेंज रिसर्च, सस्टेनेबिलिटी स्टडी और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देंगे। इसके तहत छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण और जलवायु मॉडलिंग में नई रिसर्च को मदद मिलेगी।
DST-Elettra साइंटिफिक रिसर्च को-ऑपरेशन
भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और इटली के Elettra Sincrotrone Trieste ने एडवांस साइंटिफिक रिसर्च में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। भारतीय वैज्ञानिकों को अत्याधुनिक सिंक्रोट्रॉन रेडिएशन सुविधा तक पहुंच मिलेगी। यह साझेदारी मैटेरियल साइंस, लाइफ साइंस और टेक्नोलॉजिकल रिसर्च में भारत की क्षमता को और मजबूत करेगी।
हेल्थकेयर और नर्स मोबिलिटी इनिशिएटिव
भारत और इटली ने हेल्थकेयर सेक्टर में सहयोग बढ़ाते हुए भारतीय नर्सों की इटली में आवाजाही को आसान बनाने पर सहमति जताई है। इससे भारतीय नर्सों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही भारत की कुशल स्वास्थ्य कार्यबल को वैश्विक पहचान मिलेगी और हेल्थकेयर क्षमता निर्माण में दोनों देशों का सहयोग मजबूत होगा।
आयुर्वेद को-ऑपरेशन एग्रीमेंट
भारत और इटली ने आयुर्वेद के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आयुर्वेदिक ज्ञान का प्रचार-प्रसार करना है। दोनों देश मिलकर संयुक्त रिसर्च, संस्थागत साझेदारी और छात्र-फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम चलाएंगे। यह पहल पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में मदद करेगी।
समुद्री परिवहन, बंदरगाह और कृषि सहयोग
भारत और इटली ने समुद्री परिवहन और बंदरगाह क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए है। समझौते का उद्देश्य भारत के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और पोर्ट सेक्टर में नई संभावनाएं विकसित करना है। इससे समुद्री उद्योग में रोजगार बढ़ने के साथ लॉजिस्टिक्स और व्यापार को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
लोथल मैरिटाइम हेरिटेज प्रोजेक्ट में सहयोगी
गुजरात के लोथल में बन रहे नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स में इटली सहयोग करेगा। इस समझौते का उद्देश्य भारत की समुद्री विरासत और सांस्कृतिक इतिहास को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है। दोनों देश हेरिटेज संरक्षण और ज्ञान साझा करने के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। यह परियोजना ‘विकास भी, विरासत भी’ विजन को मजबूत करेगी।
भारत और इटली के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोगी
भारत और इटली ने कृषि क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए भी समझौता किया है। इसके तहत किसानों को नई तकनीक, आधुनिक खेती के तरीके और बेहतर कृषि विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाएगी। दोनों देश टिकाऊ खेती और कृषि नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे, जिससे उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।
समुद्री एक्सपोर्ट और सी-फूड ट्रेड एग्रीमेंट
भारत के MPEDA और इटली की ASSOITTICA ITALIA के बीच समुद्री उत्पाद व्यापार बढ़ाने के लिए समझौता हुआ है। इससे भारतीय समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के बीच सीफूड ट्रेड मजबूत होगा। इस सहयोग से भारत के मरीन सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग
भारत और इटली ने 2027 को ‘संस्कृति और पर्यटन वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। इस पहल के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच कला, विरासत और पर्यटन गतिविधियों में सहयोग बढ़ने से रोजगार और सांस्कृतिक समझ को नई मजबूती मिलेगी।
