Semiconductor Plant: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को साणंद में सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण केंद्र का उद्धाटन किया। इस दौरान, उन्होंने कहा कि आज का ये कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि भारत जो ठान लेता है, वो करके दिखाता है। पांच साल पहले भारत ने संकल्प लिया था कि देश को सेमीकंडक्टर हब बनाएंगे। हम डिजाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया के मंत्र को लेकर आगे बढ़े हैं और आज देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट में भी चिप पैकेजिंग का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार: @BJP4India)
कब से चिप बनना होगी शुरू?
उन्होंने कहा कि 2024 में इस प्लांट का शिलान्यास करने का अवसर मुझे मिला था। 2025 के अगस्त महीने में यहां टेस्टिंग चिप का काम शुरू हुआ, और आज इस प्लांट का उद्घाटन हो गया है। शिलान्यास से प्रोडक्शन तक का ये सफर निश्चित रूप से अनेक साथियों के परिश्रम का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि सीजी सेमी का ये प्लांट भारत, जापान और थाइलैंड के हमारे इंडस्ट्री पार्टनर्स के साझा प्रयासों का भी प्रतीक है। ये केवल एक बिजनेस वेंचर्स नहीं है, ये टेक्नोलॉजी, भरोसे और साझेदारी का ऐसा मॉडल है, जो भारत की सेमीकंडक्टर जर्नी को नई गति देने वाला है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया में मोबाइल भेज रहा है। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चर है और दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल एक्सपोर्टर भी है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में हमने पूरे इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत किया है। आज भारत का टोटल इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्शन 2014 के मुकाबले 7 गुना बढ़ चुका है। इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट लगभग 11 गुना बढ़ चुका है।
उन्होंने कहा कि हम महज मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक्स नहीं बनाएंगे, बल्कि चिप्स का निर्माण भी करेंगे, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक की पूरी दुनिया चलती है। यही हमारी रणनीति है- पहले प्रोडक्ट, फिर कंपोनेंट्स और अब सेमीकंडक्टर यानि इलेक्ट्रॉनिक की पूरी वैल्यूचेन भारत में होगी। यह विकसित भारत का रोडमैप है। यही मेक इन इंडिया का अगला चरण है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का अगला कदम क्रिटिकल मिनिरल्स और हाई-टेक मटेरियल्स में आत्मनिर्भरता।
'मैं सोच छोटी नहीं रखता'
पीएम मोदी ने कहा कि मैं लक्ष्य और सोच छोटी नहीं रखता हूं। अगर स्टैच्यू भी बनाता हूं तो दुनिया का सबसे बड़ा बनाता हूं। उन्होंने कहा, ''...सुनते हो न विनोद काम बोलता है... यह तो प्रोगेस दिख रही है। इससे जुड़ी सप्लाई चेन को मजबूत करना भी हमारा लक्ष्य है। आज भारत इसी दिशा में व्यापक प्रसार कर रहा है। हमारा लक्ष्य है चिप डिजाइन से लेकर फेब्रिकेशन और पैकेजिंग तक का पूरा इकोसिस्टम भारत में ही विकसित हो।''
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उन्होंने कहा कि भारत का युवा मेक इन इंडिया चिप पर एआई, रोबोटिक्स और जेनटेक क्रांति को भी गति देगा। मुझे भारत की युवा शक्ति पर अटूट विश्वास है। मेरे देश के युवा शक्ति और उनके सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है। इस मौके पर देश की युवा शक्ति से एक बात जरूर कहना चाहता हूं- जब भी दुनिया में नई औद्योगिक क्रांति आती है तो सबसे ज्यादा अवसर युवाओं के लिए पैदा होते हैं।
