PM Modi Completes 25 Years In Leadership: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के तौर पर लगातार 25 साल पूरे होने पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित कर उन्हें बधाई दी। प्रस्ताव में गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक के उनके राजनीतिक सफर को रेखांकित करते हुए इसे 'नेशन फर्स्ट और सिटीजन फर्स्ट' के सिद्धांत से जुड़ी यात्रा बताया गया।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल, कैबिनेट ने पारित किया 10 सूत्रीय प्रस्ताव। AI IMAGE
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रस्ताव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ औपचारिक बधाई नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री के 25 साल के लगातार सरकार प्रमुख रहने की यात्रा को रेखांकित करने वाला प्रस्ताव है।
गुजरात से दिल्ली तक... 25 साल के सफर का जिक्र
कैबिनेट प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर किए गए कामों और बाद में केंद्र की सत्ता में उनकी भूमिका के बीच निरंतरता को प्रमुखता दी गई है। प्रस्ताव में कहा गया कि गुजरात में शुरू की गई कुछ पहलों को बाद में राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया।
गरीबों से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र
कैबिनेट के प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के गरीबी और आम लोगों की मुश्किलों को लेकर उनके व्यक्तिगत अनुभवों का भी उल्लेख किया गया। सरकार ने जनधन, आवास, पानी और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को इसी सोच से जोड़ते हुए कई आंकड़े सामने रखे।
प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 60 करोड़ जनधन खाते, 4 करोड़ से अधिक घर और सरकार के आकलन के अनुसार 25 करोड़ लोगों का गरीबी से बाहर आना इस दिशा में उठाए गए कदमों का हिस्सा है।
महिलाओं और युवाओं के लिए क्या कहा?
कैबिनेट ने महिलाओं और युवाओं से जुड़ी पहलों को भी प्रधानमंत्री के 25 साल के नेतृत्व का अहम हिस्सा बताया। प्रस्ताव में करीब 3.5 करोड़ 'लखपति दीदियों', महिला आरक्षण कानून, स्टार्टअप, स्किलिंग और शिक्षा सुधारों का जिक्र किया गया। इसके अलावा पीएम-किसान के तहत 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के हस्तांतरण और आदिवासी समुदायों के लिए PM-JANMAN जैसी योजनाओं को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है।
जीएसटी से लेकर डिजिटल इंडिया तक... सुधारों का जिक्र
प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किए गए बड़े नीतिगत बदलावों का भी उल्लेख है। इसमें GST, कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी में सुधार और औपनिवेशिक दौर के कानूनों को बदलने जैसे कदमों को प्रमुखता दी गई।
कैबिनेट ने डिजिटल भुगतान और तकनीक को भी मोदी सरकार की पहचान से जोड़ा। प्रस्ताव में जनधन-आधार-मोबाइल (JAM), UPI, स्वदेशी कोविड वैक्सीन और चंद्रयान-3 का जिक्र करते हुए कहा गया कि तकनीक का इस्तेमाल आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने और भारत की वैज्ञानिक क्षमता बढ़ाने के लिए किया गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर और आत्मनिर्भर भारत पर फोकस
कैबिनेट प्रस्ताव में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया गया। सरकार के मुताबिक, सार्वजनिक पूंजीगत खर्च करीब 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हुआ है। इसी के साथ हाईवे विस्तार, रेलवे विद्युतीकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन, रक्षा उत्पादन और सेमीकंडक्टर निर्माण को भी इस यात्रा का हिस्सा बताया गया।
सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर तक
राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर भी प्रस्ताव में मोदी सरकार के फैसलों को प्रमुखता दी गई। इसमें 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया गया। इसके साथ ही अनुच्छेद 370 हटाने, वन रैंक वन पेंशन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद बनाने जैसे फैसलों को भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व से जोड़ा गया।
जी20, ब्रिक्स और ग्लोबल साउथ का भी जिक्र
विदेश नीति के मोर्चे पर कैबिनेट ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी रेखांकित किया। प्रस्ताव में जी20 और ब्रिक्स में सहमति बनाने, ग्लोबल साउथ की आवाज उठाने और अफ्रीकी संघ को जी20 में शामिल कराने जैसे मुद्दों का जिक्र किया गया। इसके अलावा 'वैक्सीन मैत्री' और विभिन्न देशों से मिले सम्मान को भी भारत की वैश्विक पहुंच से जोड़ते हुए पेश किया गया।
2047 के विकसित भारत का संकल्प
कैबिनेट का यह प्रस्ताव आखिर में 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जुड़ता है। प्रस्ताव में विकास, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात कही गई है। इस तरह प्रधानमंत्री मोदी के सरकार प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के मौके पर कैबिनेट ने उनके गुजरात से शुरू हुए राजनीतिक सफर से लेकर केंद्र की राजनीति तक के विभिन्न पहलुओं को एक प्रस्ताव के जरिए रेखांकित किया है।
