भारत की महिला जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 48 किलो भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। वो राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में जूडो का गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। वहीं जूडो में भारत ने अपना दूसरा मेडल जीत लिया है। यह मेडल भारत ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में जीता है।जहां दिल्ली के रहने वाले हर्ष सिंह ने फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के कैट्ज जोशुआ को हरा दिया।
PM मोदी बोले-Historic Day for Indian Judo!
उन्होंने यह मुकाबला 10-0 से जीता। उन्होंने यह मुकाबला वाजी-आरी के जरिए जीता। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने गोल्ड मेडल जीतने पर हर्ष सिंह बधाई देते हुए ट्वीट किया-'ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जूडो में गोल्ड मेडल जीतने पर हर्ष सिंह को बहुत-बहुत बधाई। आपके बेहतरीन कौशल, संयम और दृढ़ता ने भारत को खेल जगत में एक और शानदार पल दिया है। आप देश का मान-सम्मान और बढ़ाते रहें।'
वहीं अस्मिता डे को हार्दिक बधाई देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने ट्वीट किया-
भारत के इस बेहद खास प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा-'सचमुच एक शानदार प्रदर्शन! जूडो महिला 48kg फ़ाइनल में गोल्ड मेडल जीतने पर अस्मिता डे पर गर्व है! यह प्रदर्शन हमेशा याद रखा जाएगा और जूडो को और ज़्यादा लोकप्रिय बनाने में योगदान देगा। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ।'
वहीं हर्ष सिंह के गोल्ड मेडल जीतने पर भी पीएम मोदी ने बधाई दी-
बता दें कि अस्मिता डे ने सडन डेथ तक गए मुकाबले में गोल्डन स्कोर के जरिए अंक अर्जित करके भारत को ग्लास्गो राष्टमंडल खेलों में चौथा गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रच दिया। अस्मिता डे ने कनाडा की हैदी क्वाश को मात दी। यह भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पहला गोल्ड मेडल है। ऐसे में अस्मिता ने अपना नाम इतिहास में हमेशा के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया है। अस्मिता ने सेमीफाइनल में स्कॉटलैंड की समर शॉ को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
भारत को ग्लास्गो में दिलाया चौथा गोल्ड मेडल
त्रिपुरा की रहने वाली अस्मिता का पदक भारत का ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में चौथा गोल्ड और कुल 18 वां पदक है। भारत इस पदक के साथ पदक तालिका में नौवें पायदान पर पहुंच गया है। भारत ने 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में अबतक 4 गोल्ड, 10 रजत और 4 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। अस्मिता की स्वर्णिम जीत से पहले भारत दसवें पायदान पर था। गोल्ड मेडल से भारत को एक स्थान का फायदा हुआ है।
वहीं दिल्ली के रहने वाले हर्ष सिंह ने फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के कैट्ज जोशुआ को हरा दिया। उन्होंने यह मुकाबला 10-0 से जीता। उन्होंने यह मुकाबला वाजी-आरी के जरिए जीता। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।
60 किलोग्राम भारवर्ग के तीनों विजेता
60 किलोग्राम भारवर्ग में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्स ने सिल्वर मेडल जीता। दो ब्रोंज मेडल क्रमश: इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के नाम रहा। इंग्लैंड के चार्ली अयारे और ऑस्ट्रेलिया की पेद्रो कार्लोस एंटुन नेटो ने ब्रोंज मेडल अपने नाम किया।
जूडो में भारत का दूसरा गोल्ड
यह जूडो में भारत को दूसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले भारत की अस्मिता डे ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा था। वह जूडो में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनीं थी। उन्होंने फाइनल मुकाबले में कनाडा की हैदी क्वाश को हराया। नियत समय में मुकाबले 1-1 से बराबर रहने के बाद अस्मिता ने सडन डेथ तक गए मुकाबले में गोल्डन स्कोर के जरिए अंक अर्जित करके गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इसके बाद हर्ष सिंह ने भी इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में अपना नाम भी गोल्ड मेडल जीतकर दर्ज करा लिया।
हर्ष ने भारत को ग्लास्गो में दिलाया पांचवां गोल्ड मेडल
हर्ष सिंह का गोल्ड मेडल भारत का ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पांचवां गोल्ड और कुल 19 वां पदक है। भारत इस पदक के साथ पदक तालिका में आठवें पायदान पर पहुंच गया है। भारत ने 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक 5 गोल्ड, 10 रजत और 4 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। हर्ष की स्वर्णिम जीत के साथ ही भारत ने न्यूजीलैंड को पदक तालिका में पीछे छोड़ दिया है।
