Bihar Rail Budget 2026: बिहार के रेल नेटवर्क और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। शुक्रवार को पटना पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw Patna Visit) ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा वित्त वर्ष में बिहार में रेलवे के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक बजट आवंटित किया है।
बिहार में रेलवे का मेगा विस्तार (फोटो: X/@AshwiniVaishnaw)
इसके साथ ही उन्होंने बिहार वासियों को छपरा से दिल्ली के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात भी दी, जिसे शुक्रवार को ही हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान में बिहार के भीतर करीब ₹1.15 लाख करोड़ की रेल परियोजनाएं चल रही हैं। राज्य के 98 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प कर उन्हें विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है।
बुलेट ट्रेन का भी रास्ता साफ
पटना आने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ और ट्रेनों के दबाव को कम करने के लिए रेल मंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पटना की रेलवे क्षमता को बढ़ाने के लिए हार्डिंग पार्क में 5 अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा पटना के पास स्थित फतुहा रेलवे स्टेशन को भी बड़े स्तर पर विकसित किया जा रहा है।
अश्विनी वैष्णव ने बिहार के भविष्य की तस्वीर साझा करते हुए कहा, "रेलवे लाइनों के दोहरीकरण के साथ-साथ तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। इस काम के पूरा होते ही हम बिहार के लिए 200 से अधिक नई ट्रेनें चला सकेंगे। यही नहीं, आने वाले सालों में जब दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी नेटवर्क पर बुलेट ट्रेन दौड़ेगी, तो बिहार की कनेक्टिविटी पूरी तरह बदल जाएगी।"
मढ़ौरा से अफ्रीका निर्यात होगा 51वां रेल इंजन
बिहार के लिए गर्व की बात यह है कि अब यहां बने रेल इंजन विदेशों में अपनी धाक जमा रहे हैं। रेल मंत्री ने बताया कि बिहार के मढ़ौरा संयंत्र (लोकोमोटिव प्लांट) में बने इंजनों का निर्यात किया जा रहा है और शुक्रवार को ही यहाँ से 51वां लोकोमोटिव इंजन एक अफ्रीकी देश के लिए भेजा जा रहा है। पटना दौरे के दौरान रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी उनके आवास पर मुलाकात की।
टूट चुका है इंडी गठबंधन-विपक्ष पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेल मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस और 'इंडी' (INDI) गठबंधन पर खुलकर हमला बोलते हुए कहा कि आप टीएमसी सांसदों से पूछिए कि क्या वे अपने क्षेत्रों में जा पा रहे हैं? पश्चिम बंगाल में सिंडिकेट राज के कारण जनता में भारी गुस्सा है। विपक्ष का 'इंडी' गठबंधन अब पूरी तरह टूट चुका है।
