PM Narendra Modi's Address to Nation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पाकिस्तान पर कड़े प्रहार किए कहा कि 'पानी और खून एक साथ नहीं बहेगा, शांति का मार्ग भी शक्ति से होकर जाता है, पाकिस्तान को अगर बचना है तो उसे अपने टेरर इंफ्रास्क्चर का खात्मा करना होगा, इसके अलावा शांति का कोई रास्ता नहीं है'
Pak को पीएम मोदी का कड़ा संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का मत एकदम स्पष्ट है टेरर और टॉक एक साथ नहीं हो सकते टेरर और ट्रेड एक साथ नहीं हो सकते और पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। उन्होंने कहा कि मैं आज विश्व समुदाय को भी कहूंगा कि हमारी नीति स्पष्ट है पाकिस्तान से बात होगी तो आतंकवाद पर ही होगी, PoK पर ही होगी।
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पीएम ने कहा कि आज बुद्ध पूर्णिमा है भगवान बुद्ध ने हमें शांति का रास्ता दिखाया है, शांति का मार्ग भी शक्ति से होकर जाता है। हर भारतीय शांति की तरफ बढ़े, विकसित भारत की तरफ बढ़े इसके लिए भारत का शक्तिशाली होना जरूरी है। आवश्यकता पड़ने पर इस शक्ति का उपयोग भी जरूरी है। पिछले कुछ दिनों में भारत ने यही किया है।
'...तो आतंकी संगठनों की इमारतें ही नहीं, बल्कि उनका हौसला भी थर्रा गया'
पीएम ने कहा कि जब पाकिस्तान में आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों ने हमला बोला, भारत के ड्रोन्स ने हमला बोला, तो आतंकी संगठनों की इमारतें ही नहीं, बल्कि उनका हौसला भी थर्रा गया। बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी ठिकाने, एक प्रकार से ग्लोबल टैररिज्म की यूनिवर्सटीज रही हैं। दुनिया में कहीं पर भी जो बड़े आतंकी हमले हुए हैं, चाहे नाइन इलेवन हो, चाहे लंदन ट्यूब बॉम्बिंग्स हो, या फिर भारत में दशकों में जो बड़े-बड़े आतंकी हमले हुए हैं, उनके तार कहीं ना कहीं आतंक के इन्हीं ठिकानों से जुड़ते रहे हैं। आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, इसलिए भारत ने आतंक के ये हेडक्वार्ट्स उजाड़ दिए। भारत के इन हमलों में 100 से अधिक खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया है। आतंक के बहुत सारे आका, बीते ढाई-तीन दशकों से खुलेआम पाकिस्तान में घूम रहे थे, जो भारत के खिलाफ साजिशें करते थे, उन्हें भारत ने एक झटके में खत्म कर दिया।
'भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान घोर निराशा में घिर गया था'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान घोर निराशा में घिर गया था, हताशा में घिर गया था, बौखला गया था, और इसी बौखलाहट में उसने एक और दुस्साहस किया। आतंक पर भारत की कार्रवाई का साथ देने के बजाय पाकिस्तान ने भारत पर ही हमला करना शुरू कर दिया। पाकिस्तान ने हमारे स्कूलों-कॉलेजों को, गुरुद्वारों को, मंदिरों को, सामान्य नागरिकों के घरों को निशाना बनाया, पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन इसमें भी पाकिस्तान खुद बेनकाब हो गया।
