Parliament Winter Sesson Day 3 Live Updates: संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। आज भी एसआईआर और संचार साथी के मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं। एसआईआर पर हंगामे के चलते लगातार दो दिनों से लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई है और सदन को स्थगित करना पड़ा है। हालांकि, राज्यसभा में भी इस पर हंगामा हुआ है, लेकिन ऊपरी सदन में मु्दों पर चर्चा-बहस जारी है। सरकार ने कहा है कि 9 दिसंबर को संसद में एसआईआर पर चर्चा कराई जाएगी। हालांकि, सरकार ने कहा है कि 9 दिसंबर को एसआईआर पर चर्चा होगी, जिससे संसद में गतिरोध टूटने की संभावना भी नजर आ रही है। जानें ताजा अपडेट-
संसद सत्र का तीसरा दिन, जानिए हर अपडेट (PTI)
लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रही
संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू होने के बाद से बुधवार को पहली बार लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही सुचारू रूप से संपन्न हुई। इससे पहले दो दिन तक मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित रही। मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में सभी दलों के नेताओं की बैठक में सहमति बनी कि सदन में सोमवार को वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के विषय पर और मंगलवार तथा बुधवार को चुनाव सुधारों के विषय पर चर्चा होगी। इसके बाद सदन में गतिरोध समाप्त होने के आसार नजर आए। बुधवार को लोकसभा की बैठक शुरू होने पर अध्यक्ष ने तीन पूर्व सदस्यों- कालीप्रसाद पांडेय (आठवीं लोकसभा में बिहार के गोपालगंज संसदीय क्षेत्र से सदस्य), रामेश्वर डूडी (13वीं लोकसभा में राजस्थान के बीकानेर से सदस्य) और श्याम सुंदर लाल (छठी लोकसभा में राजस्थान के तत्कालीन बयाना संसदीय क्षेत्र से सदस्य) के निधन की सूचना दी और सभा ने कुछ पल मौन रखकर पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन में प्रश्नकाल शुरू हुआ और अश्विनी वैष्णव, प्रह्लाद जोशी, ज्योतिरादित्य सिंधिया और राव इंद्रजीत सिंह समेत केंद्रीय मंत्रियों ने संबंधित पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए। इसके बाद शून्यकाल की कार्यवाही भी शांति से शुरू हुई।
राजभवनों के नाम बदलने को लेकर राज्यसभा में वाकयुद्ध
राज्यसभा में बुधवार को उस समय तीखी बहस हुई जब अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सदस्य डोला सेन ने शून्यकाल के दौरान गृह मंत्रालय के 25 नवंबर के निर्देश का मुद्दा उठाया, जिसमें देश के सभी राजभवनों का नाम बदलकर लोकभवन करने का निर्देश दिया गया था। सेन ने कहा, हम यह कहना चाहेंगे कि न तो संसद, न ही विधानसभा और न ही मंत्रिमंडल को इसकी जानकारी है... वे आपसे इस पर चर्चा भी नहीं कर रहे हैं, महोदय।
हालांकि, चर्चा उस समय विवादास्पद हो गई जब सेन ने मनरेगा सहित अन्य मुद्दे उठाए, जिसके बाद सभापति को हस्तक्षेप करना पड़ा और कहा कि ये विवादास्पद टिप्पणियां रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की जाएंगी। सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, आपने उन्हें शून्यकाल में राजभवन का नाम बदलकर लोकभवन करने के बारे में बोलने की अनुमति दी। उन्होंने मनरेगा और अन्य मुद्दों पर बात की। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि चूंकि यह विषय से संबंधित नहीं है, इसलिए इसे हटा दिया जाना चाहिए और इसे रिकॉर्ड में नहीं लाया जाना चाहिए, केवल लोकभवन से संबंधित मुद्दों को ही स्वीकार किया जाना चाहिए। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सहमति व्यक्त करते हुए दोहराया कि विषय से हटकर कोई भी बात रिकॉर्ड में नहीं जाएगी।
सोनिया, खड़गे, राहुल ने नए श्रम संहिता के खिलाफ संसद परिसर में किया प्रदर्शन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने बुधवार को संसद भवन परिसर में नए श्रम संहिताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और इन्हें रद्द करने की मांग की। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, वामपंथी दलों समेत अन्य दलों के सांसदों ने संसद के मकर द्वार के सामने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। नए श्रम संहिताओं के खिलाफ पोस्टर और तख्तियां लिए विपक्षी सांसदों ने इन्हें वापस लेने की मांग करते हुए नारे लगाए।
खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, टीएमसी की डोला सेन, डीएमके की के. कन्हिमोझी और ए. राजा, सीपीआई(एम) के जॉन ब्रिटास, सीपीआई(एमएल) लिबरेशन के सुदामा प्रसाद समेत अन्य ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। सांसदों ने एक बड़ा बैनर भी थाम रखा था जिस पर लिखा था - 'कॉर्पोरेट जंगल राज को ना, श्रम न्याय को हां'।
केंद्र ने पिछले महीने 2020 से लंबित चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मौजूदा 29 श्रम-संबंधी कानूनों को चार संहिताओं में फिर से शामिल कर दिया गया है। ये चार श्रम संहिताएं हैं: वेतन संहिता (2019), औद्योगिक संबंध संहिता (2020), सामाजिक सुरक्षा संहिता (2020) और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता (2020)।
राहुल-खरगे और सोनिया-प्रियंका पहुंचे संसद
आज लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन संसद पहुंचे। इसके अलावा कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी संसद पहुंचीं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हमें प्रदूषण जैसे अन्य मुद्दों पर भी चर्चा करनी चाहिए। हमें कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करनी चाहिए।
सरकार ने एसआईआर पर चर्चा की विपक्ष की मांग स्वीकारी
बता दें कि सरकार ने लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा से जुड़ी विपक्ष की मांग को मंगलवार को स्वीकार कर लिया, जिससे शीतकालीन सत्र के शुरुआती दो दिनों से जारी गतिरोध के खत्म होने के आसार हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की बैठक में यह सहमति बनी कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की रचना के 150 साल पूरा होने के विषय पर सोमवार को और चुनावों सुधारों के मुद्दे पर मंगलवार एवं बुधवार को चर्चा होगी। इस बैठक के बाद कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की भी बैठक हुई, जिसमें इन विषयों पर चर्चा कराने पर मुहर लगाई गई।
9 दिसंबर को होगी चर्चा
यह भी तय किया गया कि आगामी सोमवार को सदन में वंदे मातरम पर चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने एक्स पर पोस्ट किया, लोकसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान सोमवार आठ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर लोकसभा में चर्चा और मंगलवार नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से चुनाव सुधार पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया है।
बिरला के साथ सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की बैठक में यह सहमति बनने के बाद लोकसभा में जारी गतिरोध खत्म होने के आसार हैं। बीएसी की बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश ने संवाददाताओं से कहा, बीएसी की बैठक के बाद वंदे मातरम और चुनाव सुधारों पर चर्चा के बारे में फैसला किया गया। सोमवार को वंदे मातरम पर चर्चा होगी और इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री करेंगे। इसके बाद मंगलवार और बुधवार को चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी तथा जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाया जा सकता है। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर लोकसभा में सोमवार और मंगलवार को गतिरोध की स्थिति बनी रही। विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा किया।
सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हुई।
