Parliament security breach: विपक्षी इंडिया गुट के घटकों ने मंगलवार को संसद सुरक्षा चूक मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग जारी रखी। विपक्षी सांसदों ने दोनों सदनों में इस मांग को जोरदार तरीके से उठाने का फैसला किया। दोनों सदनों के 78 सांसदों को निलंबित किए जाने के एक दिन बाद संसद परिसर में गठबंधन के घटक दलों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक मनिकम टैगोर ने बैठक के बाद कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग जारी रहेगी और निलंबित सांसद गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। टैगोर खुद लोकसभा से निलंबित हैं।
निलंबित सांसदों का प्रदर्शन जारी
निलंबित सांसदों ने किया विरोध प्रदर्शन
निलंबित सांसदों ने मंगलवार को भी संसद परिसर के अंदर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे और सेंधमारी के आरोपियों को प्रवेश पास जारी करने वाले भाजपा सांसद की गिरफ्तारी की मांग की। इससे पहले उन्होंने संसद की नई बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। गांधी प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सदस्य मौजूद थे। खड़गे ने कहा कि जब सदन का सत्र चल रहा हो और एक मंत्री बाहर बयान देता है, तो यह संसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन है।
खरगे बोले, मोदी-शाह ने सदन की गरिमा का अपमान किया
बाद में ट्विटर पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, मोदी-शाह ने सदन की गरिमा का अपमान किया है। गंभीर सुरक्षा चूक के बावजूद वे संसद में आकर कोई बयान नहीं दे रहे हैं। मुझे दुख है कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। इतने सारे सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। यह लोकतंत्र को नष्ट करने जैसा है और सदन की गरिमा का गहरा अपमान है।
संसद से निलंबित सांसदों की संख्या 93 पहुंची
बता दें कि सोमवार की कार्रवाई के बाद लोकसभा और राज्यसभा से निलंबित सांसदों की कुल संख्या 93 हो गई है, जिनमें से 92 को गुरुवार से अब तक निलंबित किया गया है। आप सदस्य संजय सिंह को 24 जुलाई से राज्यसभा सदस्य के रूप में निलंबित कर दिया गया था। इंडिया गठबंधन के सदस्य आज एक बैठक कर रहे हैं जहां सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी। इंडिया गुट ने राज्यसभा में अपनी लगभग आधी और लोकसभा में एक तिहाई ताकत खो दी है। कुल 78 सांसदों को अनियंत्रित बर्ताव और सभापति के निर्देशों की अवहेलना के लिए सोमवार को निलंबित कर दिया गया था।
