पेपर लीक विरोध-प्रदर्शन: पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

शीर्ष अदालत ने 28 जुलाई को राज्यों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। साथ ही कहा था कि 18 वर्ष से कम आयु के जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा किया जाए।

Paper leak protests: नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ हाल में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। अदालत पहले संकेत दे चुकी है कि वह प्रदर्शनकारियों, पेलेट गन से घायल लोगों के आरोपों की जांच और यह पता लगाने के लिए कि पुलिसकर्मियों पर हमला छात्रों ने किया था या असामाजिक तत्वों ने सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर सकती है।

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जंतर मंतर लाठीचार्ज पर होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

18 वर्ष से कम आयु के प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग

शीर्ष अदालत ने 28 जुलाई को राज्यों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। साथ ही कहा था कि 18 वर्ष से कम आयु के जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा किया जाए। अदालत ने कहा था कि मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच आवश्यक है और जिसने भी कानून हाथ में लिया या किसी प्रकार की ज्यादती की, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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