Firing Across LoC: पहलगाम आतंकी हमले के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर आधी रात एलओसी पर गोलीबारी की है। इसका भारतीय सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय सेना ने कहा कि 29-30 अप्रैल की रात को पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर सेक्टरों में नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दी। भारतीय सेना के जवानों ने तेजी से और उचित तरीके से जवाब दिया।
एलओसी पर पाकिस्तानी सेना ने फिर की फायरिंग
रक्षा सूत्र ने कहा, कल सुबह तक पाकिस्तानी सेना केवल नियंत्रण रेखा पर ही संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही थी, लेकिन अब उन्होंने जम्मू के परागवाल सेक्टर में कल रात अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन करके स्थिति को और बिगाड़ दिया है।
कई जगहों पर गोलीबारी
कश्मीर घाटी में बारामुल्ला और कुपवाड़ा जिलों में नियंत्रण रेखा के पार और परगवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार पाकिस्तानी चौकियों से भी बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की ऐसी ही घटनाएं सामने आईं। शुरू में कुपवाड़ा और बारामुल्ला जिलों में गोलीबारी शुरू हुई और फिर पुंछ और अखनूर सेक्टरों में फैल गई। यह आगे चलकर राजौरी जिले के सुंदरबनी और नौशेरा सेक्टरों तक पहुंच गई, जिसके बाद जम्मू के परगवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी हुई।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या के जवाब में भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के तुरंत बाद 24 अप्रैल की रात से ही पाकिस्तानी सैनिक कश्मीर घाटी से लेकर जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास विभिन्न स्थानों पर बिना उकसावे के गोलीबारी कर रहे हैं। उसी दिन पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, व्यापार निलंबित कर दिया और वाघा सीमा क्रॉसिंग को बंद कर दिया साथ ही गीदड़भभकी दी कि सिंधु जल संधि के तहत पानी को मोड़ने का कोई भी प्रयास युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।
एलओसी पर तनाव
एलओसी पर तनाव चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। 2021 का संघर्ष विराम पहलगाम हमले तक ज्यादातर समय तक कायम रहा था। लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया देख पाकिस्तान सेना इस कदर बौखला गई है कि यहां चली आ रही शांति को भंग कर दिया है। 740 किलोमीटर लंबी सीमा के अधिकांश हिस्सों में गोलाबारी का दौर शुरू कर दिया है। भारतीय सेना भी इसका मुंहतोड़ जवाब दे रही है और पूरी तरह अलर्ट है।
भारत के सख्त फैसले
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कई कई फैसले लिए हैं जिनमें अटारी में बॉर्डर बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को निलंबित करना, उन्हें अपने देश लौटने के लिए 40 घंटे का समय देना और दोनों पक्षों के उच्चायोगों में अधिकारियों की संख्या कम करना शामिल है। भारत ने पहलगाम हमले के मद्देनजर 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को भी स्थगति कर दिया है। इसे लेकर पाकिस्तान ने युद्ध की धमकी भी दी है।
