ईरान–इजरायल तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में आई बाधा के चलते दुबई में फंसे महाराष्ट्र के मराठी पर्यटकों को सुरक्षित स्वदेश लौटाने के लिए महाराष्ट्र सरकार और प्रवासी मराठी समुदाय सक्रिय हो गया है। इस दौरान शुरू की गई IPF MahaHelpline अब फंसे हुए यात्रियों के लिए अहम सहारा बन गई है।
दुबई में फंसे 1200 से ज्यादा मराठी पर्यटकों को भारत लाने की पहल।
हेल्पलाइन की मदद से अब तक 500 से अधिक मराठी पर्यटक सुरक्षित भारत लौट चुके हैं, जबकि 1,200 से ज्यादा यात्रियों ने सहायता के लिए संपर्क किया है। दुबई में इस पहल का नेतृत्व कर रहे राहुल तुळपुळे के मुताबिक, हेल्पलाइन शुरू होने के एक ही दिन के भीतर सैकड़ों यात्रियों के कॉल और संदेश प्राप्त हुए।
महाराष्ट्र सरकार की मान्यता से शुरू की गई IPF MahaHelpline (+971 50 365 4357) यूएई के पांच शहरों में सक्रिय 20 से अधिक स्वयंसेवकों की टीम द्वारा 24 घंटे संचालित की जा रही है। इसके जरिए यात्रियों को होटल में ठहराव बढ़ाने, भोजन, दवाइयों, अस्थायी आवास, परिवहन और भारतीय दूतावास से समन्वय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यात्रियों की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अलग चिकित्सा सहायता टीम भी बनाई गई है, जो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार जरूरी दवाइयों की व्यवस्था कर रही है। हेल्पलाइन टीम दुबई स्थित भारतीय दूतावास और कॉन्सुलेट के साथ लगातार संपर्क में है। सत्यापित और ताजा जानकारी यात्रियों तक व्हाट्सएप समन्वय समूहों के माध्यम से पहुंचाई जा रही है।
2 से 6 मार्च के बीच दुबई और ओमान के मस्कट से उपलब्ध उड़ानों के जरिए 500 से ज्यादा यात्री भारत लौट चुके हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण भी दुबई स्थित भारतीय कॉन्सुल जनरल और हेल्पलाइन टीम के साथ लगातार संपर्क में हैं और यात्रियों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हेल्पलाइन के परिवहन समन्वयक प्रसाद पाटील के नेतृत्व में फुजैराह और मस्कट जैसे वैकल्पिक प्रस्थान केंद्रों तक यात्रियों के लिए परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। वहीं प्राथमिक सहायता टीम छोटे बच्चों, शिशुओं और वरिष्ठ नागरिकों वाले परिवारों को विशेष मदद दे रही है।
हवाई क्षेत्र में आई बाधाओं के कारण IndiGo, SpiceJet और Air India की कई उड़ानें रद्द होने के बाद हेल्पलाइन टीम ने 400 से अधिक प्रभावित यात्रियों की सूची तैयार कर एयरलाइंस और कॉन्सुलेट को भेजी है, ताकि उपलब्ध सीटों में उन्हें प्राथमिकता दी जा सके। हेल्पलाइन टीम महाराष्ट्र सरकार, दुबई स्थित भारतीय कॉन्सुल जनरल, एयरलाइंस और चार्टर ऑपरेटर्स के साथ मिलकर अधिक से अधिक यात्रियों को जल्द भारत भेजने के प्रयास कर रही है।
