राज्यसभा में आज बीजेपी सांसद के. लक्ष्मण ने ओबीसी आरक्षण पर कुछ ऐसी बात कह दी, जिससे विपक्ष भड़क गया। विपक्ष ने पहले तो इसपर विरोध जताया, उसके बाद विपक्षी सांसद सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर गए। सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने विपक्ष के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व और विपक्षी गठबंधन ’इंडिया’ की न तो बहस में रुचि है और न ही उनके मन में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान का सम्मान है।
राज्यसभा से विपक्ष का वॉक आउट (फोटो- संसद टीवी)
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किस बयान पर विपक्ष को आपत्ति?
शून्यकाल के दौरान लक्ष्मण ने ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि धर्म के आधार पर इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्य मुस्लिम समुदाय को आरक्षण का लाभ दे रहे हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे "धर्म-आधारित आरक्षण" की व्यापक समीक्षा कराने की मांग की। लक्ष्मण के बयान के दौरान ही विपक्ष के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई। उनके वक्तव्य को लेकर सदन में हंगामा होने लगा। इसके बाद लगभग पूरा विपक्ष विरोध स्वरूप सदन से बाहर चला गया।
नड्डा ने विपक्ष पर साधा निशाना
विपक्ष के वॉकआउट पर सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री J. P. Nadda ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों का गठबंधन INDIA न तो बहस में रुचि रखता है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संविधान का सम्मान करता है। नड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल मुसलमानों को केवल वोट बैंक के रूप में देखते हैं और तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि संसद में गंभीर मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष बहस से बचने के लिए बार-बार वॉकआउट का सहारा ले रहा है।
निशिकांत दुबे के बयान से BJD नाराज
बीजू जनता दल (बीजद) के सदस्यों ने सोमवार को लोकसभा सांसद एवं भाजपा नेता निशिकांत दुबे द्वारा ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में राज्यसभा से वॉकआउट किया। सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन और आधिकारिक पत्र पटल पर रखवाए। इसके बाद बीजद नेता सस्मित पात्रा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि सांसद निशिकांत दुबे द्वारा ने पटनायक के खिलाफ "अपमानजनक, गलत और मनगढ़ंत बयान" दिए हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। पात्रा ने आरोप लगाया, "दुबे ने बीजू पटनायक को सीआईए एजेंट बताया है। यह सत्तारूढ़ दल के गिरते स्तर को दर्शाता है। यह बेहद शर्मनाक है।" उन्होंने कहा कि बीजद इस बयान का पुरजोर विरोध करता है और इसी के विरोध में सदन से वॉकआउट कर रहा है।
