एक ओर कांग्रेस वोट चोरी के मुद्दे को लेकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रमक हो रखी है, दूसरी ओर कांग्रेस की ही सहयोगी पार्टी इस मुद्दे से अलग करती दिख रही है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से साफ कर दिया है कि वोट चोरी के मुद्दे से उनका और उनकी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस का कोई लेना-देना नहीं है। नेशनल कांफ्रेंस, इंडिया गठबंधन का हिस्सा है, लोकसभा में विपक्षी सांसदों की संख्या के हिसाब से कांग्रेस गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (फोटो- PTI)
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वोट चोरी पर क्या बोले उमर अब्दुल्ला?
कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे वोट चोरी और कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा, “ ‘इंडिया’ गठबंधन का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हर राजनीतिक दल को अपना एजेंडा तय करने की स्वतंत्रता है। कांग्रेस ने 'वोट चोरी' और एसआईआर (मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण) को अपना मुख्य मुद्दा बनाया है। हम उन्हें कुछ कहने वाले कौन होते हैं?”
कांग्रेस ने की थी रैली
इससे एक दिन पहले कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में 'वोट चोर गद्दी छोड़' रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयुक्तों पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि "वोट चोरी" सत्ताधारी पार्टी के डीएनए में है और उसके नेता "गद्दार" हैं जो लोगों के मतदान के अधिकार को छीनने की साजिश रच रहे हैं और उन्हें सत्ता से हटाया जाना चाहिए। कांग्रेस ने दावा किया है कि उसने "वोट चोरी" के खिलाफ लगभग छह करोड़ हस्ताक्षर एकत्र किए हैं और वह इन्हें भारत के राष्ट्रपति को सौंपेगी।
खरगे ने बताया था 'गद्दार'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को कहा कि ‘वोट चोरी’ करने वाले ‘‘गद्दार’’ हैं और इन्हें सत्ता से हटाना होगा ताकि वोट के अधिकार और संविधान को बचाया जा सके। खरगे ने रामलीला मैदान में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली में यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आरएसएस और मनुस्मृति की विचारधारा पर आगे बढ़ रहे हैं जिससे खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि देश को बचाना है, वोटों को सुरक्षित रखना है, संविधान को बचाना है तो लोगों को कांग्रेस एवं राहुल गांधी के साथ खड़ा होना होगा।
