Rajya Mata cows: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले हाल ही में एकनाथ शिंदे सरकार ने बड़ा फैसला लिया है सरकार ने गाय को राज्यमाता का दर्जा दिया है महायुती के सरकार ने इसको लेकर घोषणा की हैं वहीं इसे लेकर सभी पार्टियों की मिलीजुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है, समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने इसे लेकर अपनी बात रखी है।
समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन
एसटी हसन ने कहा- महाराष्ट्र सरकार द्वारा देशी गायों को 'राज्यमाता' का दर्जा दिए जाने पर समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने कहा, 'यह बड़ी संख्या में हिंदुओं की भावना है, उनका मानना है कि गायें 'गौ माता' हैं... लेकिन दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत में हिंदू भी उनके मांस का उपयोग करते हैं... अगर 'राज्यमाता' का दर्जा दिया गया है, तो यह हिंदू भावनाओं के लिए अच्छा है... लेकिन यह उन भावनाओं के लिए किया गया है क्योंकि वहां चुनाव होने वाले हैं... वहां बहुत से लोग गोमांस भी खाते हैं। देखते हैं कि चुनावों के बाद भी यह दर्जा जारी रहता है या नहीं।'
गौर हो कि महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक वैदिक काल से भारतीय संस्कृति में देशी गाय की स्थिति, मानव आहार में देशी गाय के दूध की उपयोगिता, आयुर्वेद चिकित्सा, पंचगव्य उपचार पद्धति तथा जैविक कृषि प्रणालियों में देशी गाय के गोबर एवं गोमूत्र के महत्वपूर्ण स्थान को ध्यान में रखते हुए, यह देशी गायों को अब से "राज्यमाता गोमाता" घोषित करने की मंजूरी दी गई।
वहीं इसको लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'देसी गाय हमारे किसानों के लिए एक वरदान है, इसलिए हमने इन्हें यह दर्जा (राज्य माता) देने का निर्णय लिया है. हमने देसी गोमाता के परिपोषण और चारे के लिए मदद करने का निर्णय लिया है'
