S Jaishankar : मालदीव के साथ जारी विवाद के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर बने बड़ी बात कही है। जयशंकर ने रविवार को नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि 'हर समय हर देश भारत का समर्थन करेगा अथवा आपसे सहमत होगा इस बात की गारंटी नहीं दी जा सकती। पॉलिटिक्स, पॉलिटिक्स है। हर देश प्रत्येक दिन और वहां का हर व्यक्ति हमारा समर्थन करेगा या जो हम कहते हैं उससे सहमत होगा...इस बात की मैं गारंटी नहीं दे सकता।'
मालदीव के साथ विवाद पर एस जयशंकर ने तोड़ी चुप्पी।
विदेश मंत्री ने कहा कि 'बीत 10 सालों में हमें जो सफलता मिली है और हम जो करने की कोशिश कर रहे हैं..उसका लक्ष्य देशों के साथ एक काफी मजबूत रिश्ता बनाना है।'
'भारतीय सीमा पर अपना प्रभाव बढ़ा रहा चीन'
इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि भारत को मालदीव की चीन से निकटता को लेकर निश्चित रूप से सतर्क रहना चाहिए और सरकार को इससे होने वाले खतरे के बारे में अवगत होना चाहिए। उन्होंने‘तुगलक’ पत्रिका की 54वीं वर्षगांठ पर कहा कि चीन, भारत की सीमा पर अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
भारत को सतर्क रहना चाहिए-थरूर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के बाद मालदीव-भारत राजनयिक विवाद का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा, ‘हमें मालदीव सरकार की चीन के साथ बढ़ती निकटता पर बारीकी से नजर रखनी होगी।’ पूर्व विदेश राज्य मंत्री थरूर ने कहा, ‘इस तथ्य में कोई संदेह नहीं है कि चीन हमारे सीमा क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। बिना किसी अपवाद के वह (चीन) हमारे सभी पड़ोसी देशों में तेजी से अपना प्रभाव बढ़ा रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘हमें (भारत) निश्चित रूप से सतर्क रहना चाहिए और हमारी सरकार को उन खतरों के बारे में पता होना चाहिए।’
पीएम के लक्षद्वीप दौरे पर आपत्तिजनक टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के खिलाफ मालदीव के कुछ मंत्रियों के द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद दोनों देशों के रिश्ते में तनाव आ गया है। दरअसल, जनवरी के पहले सप्ताह में पीएम मोदी लक्षद्वीप गए थे। उन्होंने पर्यटन के लिए लोगों से इस सुंदर द्वीप पर आने की अपील की। मालदीव के मंत्रियों को यह बात अच्छी नहीं लगी और उन्होंने भारतीय पीएम के बारे में अभद्र टिप्पणी की।
