देश में दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने वाली संस्था नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 30 नए ड्रग फॉर्मूलेशन की रिटेल कीमतें तय कर दी हैं। इस संबंध में 27 मई 2026 को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में अधिसूचना जारी की गई है।
सरकार ने तय किए 30 जरूरी दवाओं के दाम। istock
एनपीपीए के आदेश के अनुसार, दवा निर्माता और मार्केटिंग कंपनियां निर्धारित रिटेल कीमत के ऊपर केवल लागू GST ही जोड़ सकेंगी। इससे मरीजों को जरूरी दवाएं तय और पारदर्शी कीमत पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा मनमाने दाम वसूलने पर रोक लगेगी।
दवाओं की लिस्ट
इस सूची में कई महत्वपूर्ण दवाएं और सप्लीमेंट शामिल हैं। इनमें विटामिन D3 ओरल सॉल्यूशन, कैल्शियम, विटामिन D3, मिथाइलकोबालामिन, L-मिथाइलफोलेट कैल्शियम और पाइरिडोक्सल-5 फॉस्फेट टैबलेट्स, क्लिनिडिपिन-टेल्मिसार्टन टैबलेट्स, एम्पाग्लिफ्लोजिन, सिटाग्लिप्टिन और मेटफॉर्मिन टैबलेट्स, विल्डाग्लिप्टिन-मेटफॉर्मिन, टैक्रोलिमस कैप्सूल, मायो-इनोसिटोल और विटामिन D3 पाउडर जैसी दवाएं शामिल हैं। ये दवाएं मधुमेह, उच्च रक्तचाप, विटामिन की कमी, हड्डियों के स्वास्थ्य और अन्य बीमारियों के इलाज में उपयोग की जाती हैं।
NPPA का कहना है कि दवाओं की कीमत तय करने का उद्देश्य मरीजों को उचित दर पर गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराना है। नई कीमतें लागू होने के बाद संबंधित कंपनियों को इन्हीं निर्धारित दरों पर दवाओं की बिक्री सुनिश्चित करनी होगी। इससे लाखों मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों को जो लंबे समय तक नियमित दवाओं पर निर्भर रहते हैं।
