अब मैं संभाजी नगर हूं, जानें- औरंगाबाद शहर का नाम कितनी दफा बदला

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Feb 26, 2023, 08:15 AM IST

शहरों के नाम बदलने की रवायत नई नहीं है। शहरों के नाम बदले जाते रहे हैं। सल्तनत से लेकर मुगलों के शासन तक कई शहरों के नाम सिर्फ खुन्नस की वजह से बदले गए। उनमें से महाराष्ट्र के भी कई शहर थे। हाल ही में एकनाथ शिंदे सरकार ने औरंगबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर कर दिया है। यहां हम बताने की कोशिश कर रहे हैं कि कितनी बार नाम बदला।

Aurangabad name change: शहरों के बसने की कहानी दिलचस्प होती है। खासतौर से जब इस देश पर इस्लामी शासन था तो उस समय सुल्तानों और बादशाहों ने अलग अलग शहर बनाए उन्हें नाम भी दिया। लेकिन बहुत से ऐसे शहर भी रहे जिनकी पहचान यानी नाम को खुन्नस में बदल दिया। यहां हम महाराष्ट्र के दो शहरों में से एक औरंगाबाद का जिक्र करेंगे जिसे एकनाथ शिंदे सरकार ने संभाजीनगर(sambhji nagar) नाम दिया गया है। महाराष्ट्र की आधुनिक सियासत आज भी छत्रपति शिवााजी महाराज और उनके वंशजों के चारों तरफ घूमती है। महाराष्ट्र सरकार ने जब औरंगाबाद को शंभाजी नगर करने का फैसला लिया तो कहा भी कि हमने शहर के पुराने गौरव को फिर से स्थापित किया है। इन सबके बीच हम यहां जिक्र करेंगे कि औरंगाबाद का नाम शुरू से लेकर आजतक बदलने के क्रम में कितने पड़ावों से गुजरा।

aurangabad

महाराष्ट्र का औरंगाबाद अब संभाजीनगर

सातवाहन काल से संबंध

औरंगाबाद शहर(अब संभाजीनगर) का इतिहास मध्यकाल नहीं बल्कि उससे भी करीब हजार साल पहले सातवाहन काल से जुड़ा है। जैसे जैसे इतिहास का पहिया आगे के सफर पर निकला तो इस शहर का जिक्र राजा विक्रमादित्य के शासनकाल में भी हुआ है। सातवाहन काल में खाम नदी के किनारे कई गांव से उनमें से एक को औरंगाबाद था। 1400 एडी के करीब देवगिरी पर कृष्ण देव राय के वंशजों का शासन था और इस शहर का संबंध उनसे भी जोड़ा जाता है। लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि निजामशाही वंश ने इस शहर को बसाया। निजामशाह मुर्तजा द्वितीय के वंशज ने मलिक अंबर ने औरंगाबाद शहर को बसाया और उसने शहर का नाम बदलकर फतेहनगर रख दिया।

End of Feed