Karnataka CM Post Vacancy Row: राजनीति अनिश्चिताओं का ही एक खेल है और इसमें प्रीडिक्शन करना फेल है। कब राजा रंक बन जाए और रंक राजा कुछ कहा नहीं जा सकता है, लेकिन कर्नाटक कांग्रेस में अंतर्कलह की खबरें बार-बार सामने आती हैं और राजनीतिक गलियारों में ढाई-ढाई साल वाला फॉर्मूला उठता रहता है। समय-समय पर शिवकुमार के समर्थक पार्टी से उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर देते हैं तो शिवकुमार समर्थकों से ऐसा कुछ भी नहीं करने की सलाह देते हैं, लेकिन उनके दिमाग में क्या चल रहा है? यह कह पाना मुश्किल है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार दोनों ही कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया (दाएं) और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (बाएं) (फाइल फोटो)
सिद्दारमैया ने क्या कुछ कहा?
सिद्दारमैया ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा कि मैंने आज राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा था, लेकिन अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पद के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि डीके शिवकुमार ने खुद कहा है कि मुख्यमंत्री पद की कोई वैकेंसी नहीं है।
राहुल से क्यों मिलना चाह रहे दोनों नेता
कर्नाटक के दोनों कद्दावर नेताओं ने अभी तक इस रहस्य से पर्दा नहीं उठाया कि वह राहुल गांधी से मुलाकात क्यों करना चाह रहे हैं। अंदर खाने से कभी सूचना सामने आती है कि कर्नाटक में मंत्रिमंडल फेरबदल हो सकता है, लेकिन बाद में ऐसी खबरों का खंडन कर दिया जाता है। शिवकुमार ने बुधवार को मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि फिलहाल मंत्रिमंडल में बदलाव की कोई योजना नहीं है। मैं और मुख्यमंत्री राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों से मिल रहे हैं।
शिवकुमार ने प्रियंका से की मुलाकात
राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांग रहे शिवकुमार ने बुधवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। उनकी यह मुलाकात इसलिए भी सुर्खियों में छाई हुई है, क्योंकि सोशल मीडिया में इसकी कोई तस्वीर पोस्ट नहीं की गई। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि हर-छोटे बड़े नेताओं के साथ मुलाकात को शिष्टाचार भेंट का नाम देकर तस्वीरें जारी की जाती हैं।
