Nishikant Dubey: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के गंभीर आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उन पर हमलावर है। इन आरोपों पर भाजपा के कई नेताओं ने राहुल पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर तीखा हमला किया। झारखंड के गोड्डा से से सांसद ने X पर अपने एक पोस्ट में कहा कि 'भारत में Gen Z परिवार वाद, भ्रष्टाचार के खिलाफ है। वह नेहरु जी, इंदिरा जी, राजीव जी, सोनिया जी के बाद राहुल जी को क्यूं बर्दाश्त करेगा?'
राहुल गांधी ने सीईसी पर लगाए हैं गंभीर आरोप। तस्वीर-PTI
भाजपा सांसद ने कहा कि 'Gen Z बांग्लादेश में इस्लामिक राष्ट्र, नेपाल में हिंदू राष्ट्र बनाना चाहता है। वह भारत को हिंदू राष्ट्र क्यूं नहीं बनाएगा?
देश छोड़ने की आप करो तैयारी आ रहे हैं…।'
राहुल ने X पर भारत में Gen Z 'वोट चोरी' रोकेंगे
दुबे का यह बयान राहुल गांधी के एक X पोस्ट के जवाब में आया। अपने पोस्ट में राहुल ने कहा कि देश के युवा, देश के छात्र और देश के Gen Z संविधान को बचाएंगे। वे लोकतंत्र की रक्षा और 'वोट चोरी' को रोकेंगे।' बता दें कि राहुल ने गुरुवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में सीईसी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सीईसी पर 'वोट चोरी' करने वाले लोगों को बचाने का आरोप लगाया। महाराष्ट्र और कर्नाटक के मतदाता सूची में वोटरों के नाम हटाए एवं जोड़े जाने का दावा करते हुए राहुल ने कहा कि यह बहुत ही 'सुनियोजित' एवं 'व्यवस्थित' तरीके और वोटों को 'हाईजैक' किया जा रहा है।
राहुल के आरोप गलत और निराधार-EC
राहुल गांधी के आरोपों पर निर्वाचन आयोग ने कहा कि ‘राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं। किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति द्वारा हटाया नहीं जा सकता, जैसा कि गांधी ने गलत धारणा बनाई है।’ निर्वाचन आयोग ने बताया कि 2023 में आलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाने के ‘कुछ असफल प्रयास’ किए गए थे और मामले की जांच के लिए निर्वाचन आयोग के ही एक अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आयोग ने कहा, ‘रिकॉर्ड के अनुसार, आलंद विधानसभा क्षेत्र से 2018 में सुभाध गुट्टेदार (भाजपा) और 2023 में बीआर पाटिल (कांग्रेस) ने जीता था।’
प्रत्येक आवेदन का सत्यापन किया गया
इसके अलावा गांधी की इस मांग पर कि आलंद मामले से संबंधित सबूत कर्नाटक सीआईडी को सौंपे जाएं, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, ‘निर्वाचन आयोग के पास उपलब्ध सभी जानकारी छह सितंबर, 2023 को कलबुर्गी के पुलिस अधीक्षक के साथ साझा की जा चुकी है।’उन्होंने बताया कि आलंद के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को फॉर्म सात के रूप में 6,018 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें दिसंबर 2022 के दौरान एनवीएसपी, वीएचए और जीएआरयूडीए जैसे विभिन्न ऐप का उपयोग करके ऑनलाइन जमा किया गया था। उन्होंने बताया कि आलंद सीट पर मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ऑनलाइन जमा किए गए इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों की सत्यता पर संदेह होने के कारण, चुनाव अधिकारियों द्वारा प्रत्येक आवेदन का सत्यापन किया गया।
