भारत-अमेरिका की अंतरिक्ष साझेदारी का ऐतिहासिक कदम; विश्व बंधु दृष्टिकोण को साकार करेगा NISAR मिशन

एनआईएसएआर (NISAR) उपग्रह भारत और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसियों ISRO और NASA के बीच संयुक्त रूप से विकसित अब तक का सबसे महंगा पृथ्वी अवलोकन मिशन है। यह उपग्रह प्राकृतिक संसाधनों, आपदाओं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावी प्रबंधन में सहायक होगा। एनआईएसएआर भारत के ‘विश्व बंधु’ दृष्टिकोण का प्रतीक बनकर वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग को एक नई दिशा देगा।

NISAR Satellite: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक बयान में कहा कि एनआईएसएआर (NISAR) केवल एक उपग्रह नहीं है, बल्कि यह भारत और विश्व के बीच वैज्ञानिक सहयोग का प्रतीक है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) बुधवार को पृथ्वी का अब तक का सबसे महंगा अवलोकन उपग्रह एनआईएसएआर प्रक्षेपित करेगा। इसे इसरो ने अमेरिका की ‘नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (NASA) के साथ मिलकर विकसित किया है।

NISAR Satellite (File Photo: ANI)

निसार उपग्रह (फाइल फोटो: ANI)

इसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों और आपदाओं के प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाना है। नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) उपग्रह से प्राप्त आंकड़े दुनियाभर के नीति निर्माताओं को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी योजनाएं बनाने में सहायता मिलेगी। लगभग 1.50 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से विकसित इस उपग्रह का प्रक्षेपण बुधवार शाम 5:40 बजे इसरो के श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी मार्क-2 रॉकेट के माध्यम से किया जाएगा।

End of Feed