केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में दाखिल चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। CBI की जांच के अनुसार, प्रश्नपत्र किसी प्रिंटिंग प्रेस से नहीं, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के गोपनीय अनुभाग में तैनात विषय विशेषज्ञों ने ही लीक किया था। सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों का फायदा उठाकर एक्सपर्ट्स ने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया।
NTA के विषय विशेषज्ञों ने ही NEET-UG 2026 का पेपर लीक किया (फोटो- PTI)
CBI जांच में NTA की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
CBI चार्जशीट के मुताबिक, NTA के दिल्ली स्थित कार्यालय की पहली मंजिल पर स्थित पूरे गोपनीय विंग में सुरक्षा की भारी अनदेखी की गई थी। गोपनीय अनुभाग में प्रवेश और निकास के दौरान विशेषज्ञों की तलाशी की कोई व्यवस्था नहीं थी। गोपनीय हॉल में विशेषज्ञों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कोई समर्पित 'लाइव CCTV मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम' मौजूद नहीं था। NTA के CCTV सिस्टम में केवल 20-25 दिनों का बैकअप रहता था। NEET-UG 2026 से जुड़ा गोपनीय काम 7 अप्रैल 2026 को पूरा हो गया था, जबकि CBI ने मामला 12 मई 2026 को दर्ज किया। इस समय अंतराल के कारण CBI को उस बीच की फुटेज नहीं मिल सकी।
एक्सपर्ट्स ने इस तरह बाहर निकाले प्रश्न
चार्जशीट में नामजद तीन विशेषज्ञों-मनीषा गुरुनाथ मंधारे, पी.वी. कुलकर्णी, और मनीषा संजय हवालदार-पर अनुवाद, बैक-ट्रांसलेशन और प्रूफरीडिंग के दौरान मिले एक्सेस का दुरुपयोग करने का आरोप है। आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने गोपनीय अनुभाग में उपलब्ध कराई गई सादे कागज की शीटों पर केमिस्ट्री के सभी 135 प्रश्न और उनके विकल्प संक्षेप में लिख लिए थे। आरोपी मनीषा संजय हवालदार अपने ठिकाने पर लौटकर प्रश्नों के संक्षिप्त नोट तैयार करती थी। वहीं, अन्य आरोपियों ने प्रश्न याद किए और होटल लौटकर NCERT की किताबों में संबंधित अंशों को चिन्हित कर दिया।
महाराष्ट्र से हरियाणा और राजस्थान तक फैला नेटवर्क
CBI के अनुसार, NTA दफ्तर से प्रश्न बाहर निकालने के बाद इसे एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए फैलाया गया। छात्रों के साथ गुप्त सेशन आयोजित कर उन्हें प्रश्न, उनके चार विकल्प और सही उत्तर रटाए गए। डिजिटल साक्ष्य न बने, इसके लिए छात्रों से प्रश्न हाथ से नोटबुक में लिखवाए गए। आरोपी पी.वी. कुलकर्णी, मनीषा मंधारे और डॉ. मनोज शिरुरे ने उम्मीदवारों को अस्पताल में बुलाकर परीक्षा से पहले पूरा प्रश्न बैंक याद कराया। फिजिक्स के प्रश्न तेजस शाह को दिए गए, जिन्होंने इनकी तस्वीरें लेकर लातूर स्थित RCC तक पहुंचाईं। टेलीग्राम पर लीक प्रश्नों की PDF फाइलें भेजी गईं और उन्हें लाखों रुपये में बेचा गया। जयपुर में प्रश्नपत्र की प्रिंट कॉपी निकालकर छात्रों और प्राइवेट ट्यूटर्स में बांटी गई।
डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों से पुष्टि
CBI का दावा है कि चार्जशीट को डिजिटल, दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्यों से मजबूत किया गया है। जांच एजेंसियों द्वारा बरामद नोटबुक्स की फोरेंसिक जांच में यह साबित हुआ कि उनमें लिखे प्रश्न और उत्तर असली NEET-UG 2026 के प्रश्नपत्र से 100% मेल खाते हैं।CBI को ऑनलाइन मनी ट्रांसफर के पुख्ता डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं। इसके अतिरिक्त, जांच के दौरान आरोपी डॉ. शिरुरे के परिवार के पास से 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
