NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लातूर स्थित रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई द्वारा जारी गिरफ्तारी दस्तावेजों में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। CBI के अनुसार, शिवराज मोटेगावकर पेपर लीक करने वाले संगठित गिरोह के सक्रिय सदस्य थे और उन्होंने परीक्षा से पहले ही NEET UG 2026 के प्रश्नपत्र और उत्तर हासिल कर लिए थे।
नीट पेपर लीक केस में एक और गिरफ्तारी (प्रतीकात्मक फोटो- PTI)
मोबाइल में मिले लीक प्रश्नपत्र
सीबीआई ने 14 मई 2026 को लातूर स्थित मोटेगावकर के निवास पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन में नीट यूजी 2026 के लीक प्रश्नपत्र पाए गए। इसके बाद एजेंसी ने उन्हें हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की और रविवार 17 मई 2026 को शाम 7:15 बजे पुणे स्थित सीबीआई कार्यालय में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
कई छात्रों तक पहुंचाए गए पेपर
जांच एजेंसी का दावा है कि मोटेगावकर ने लीक प्रश्नपत्र और उत्तर कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाए थे। हालांकि पूछताछ के दौरान उन्होंने उन लाभार्थी छात्रों के नाम बताने से बचने की कोशिश की। सीबीआई के दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से प्रश्नपत्र नष्ट किए गए थे, जिससे जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज
सीबीआई ने शिवराज मोटेगावकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत मामला दर्ज किया है। उन पर फर्जीवाड़ा, आपराधिक साजिश, परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सीबीआई की जांच जारी
सीबीआई ने कहा है कि आरोपी ने अब तक उन सभी छात्रों और व्यक्तियों की जानकारी नहीं दी है, जिन्हें लीक पेपर उपलब्ध कराए गए थे। इस गिरफ्तारी के बाद लातूर समेत पूरे महाराष्ट्र के शैक्षणिक क्षेत्र में भारी हलचल मच गई है। सीबीआई अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
