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NEET पर राहुल गांधी ने उठाया सवाल, तो भाजपा ने दिया करारा जवाब; सिर्फ राजनीति करनी है...

NEET Row: भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि राहुल गांधी को छात्रों के भविष्य से लेना-देना नहीं, सिर्फ राजनीति करनी है। राहुल ने ये दावा किया कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद पीएम मोदी मनोवैज्ञानिक रूप से टूट चुके हैं और सरकार चलाने के लिए संघर्ष करेंगे।

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NEET विवाद पर कांग्रेस बनाम भाजपा।

Photo : Times Now Digital

BJP vs Congress on NEET: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर ‘तुच्छ राजनीति’ करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र इस मामले को ‘बेहद संवेदनशीलता’ से देख रहा है और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले हर छात्र के साथ न्याय किया जाएगा।

कांग्रेस पर ‘साजिश के तहत’ झूठ फैलाने का आरोप

सत्तारूढ़ दल ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर ‘साजिश के तहत’ झूठ फैलाकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, ताकि परीक्षा प्रणाली को सुचारू बनाने के सरकार के प्रयासों को बदनाम किया जा सके। केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी के साथ सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संबंध को लेकर खुलासा होने के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस झूठ का सहारा ले रही है।

पीएम मोदी के लिए राहुल ने किया ये बड़ा दावा

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट और नीट-यूजी की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या तो पेपर लीक को रोक नहीं पा रहे हैं, या फिर इसे रोकना नहीं चाहते हैं।' राहुल ने यह दावा भी किया कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मनोवैज्ञानिक रूप से टूट चुके हैं और सरकार चलाने के लिए संघर्ष करेंगे।

राहुल गांधी की टिप्पणी को ‘कष्टदायी’ करार दिया

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी की टिप्पणी को ‘कष्टदायी’ करार दिया और कहा कि कांग्रेस नेता इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं क्योंकि छात्रों के भविष्य से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'नीट परीक्षा के मुद्दे पर सरकार पूरी तरीके से सतर्क है, संवेदनशील है। सरकार इस विषय को लेकर संकल्बद्ध भी है कि लाखों छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए सरकार के मन में संवेदनशीलता भी है और सारी परिस्थितियों के ऊपर गहराई से नजर रखने की सतर्कता भी है। जो भी लोग संलिप्त पाए जाएंगे, उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई होगी।'

त्रिवेदी ने कहा कि चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है इसलिए सरकार अपने संवैधानिक दायित्व को भी समझती है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का जो निर्देश होगा, उसके अनुसार जो प्रभावी कार्यवाही होगी वह करने के लिए सरकार पूर्णत: संकल्पबद्ध है। राहुल गांधी पर चुटकी लेते हुये भाजपा नेता ने कहा कि जो अपने तसरे प्रयास में ‘थर्ड डीविजन’ भी पास नहीं हो सका और 100 से कम सीटों पर सिमट गया वह मेधावी छात्रों का प्रतिनिधि बनने का प्रयास कर रहा है।

'छात्रों के भविष्य से राहुल को कुछ लेना देना नहीं'

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब यह विषय न्यायालय के विचाराधीन है तो न्यायालय के विवेक से ऊपर अपना विवेक दिखाने का प्रयास करें तो यह साफ लगता है कि उन्हें लाखों छात्रों के भविष्य से कुछ लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा, 'उन्हें सिर्फ इस विषय पर अपनी राजनीति करनी है। ठीक वैसे ही जैसे राजस्थान में डेढ़ दर्जन से अधिक पेपर लीक के मामले हुए थे, लेकिन राहुल गांधी ने एक भी शब्द नहीं बोला था।'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी के साथ मौजूद भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी इस मामले को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी शिक्षा जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर ओछी सियासत कर रहे हैं। राहुल गांधी प्रतीक हैं कि केवल उम्र बढ़ने से विवेक का विस्तार नहीं होता। वे चुनाव में तीसरी बार फेल हुए हैं तो इसका मतलब ये नहीं कि वे मध्य प्रदेश और गुजरात के युवाओं को गालियां देंगे।'

'तेजस्वी यादव से जुड़े अधिकारियों के साथ संबंध'

इससे पहले, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दावा किया था कि नीट-यूजी 2024 के कथित पेपर लीक के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी के राजद नेता तेजस्वी यादव से जुड़े अधिकारियों के साथ संबंध हैं और इसकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। पटना में संवाददाता सम्मेलन में सिन्हा ने दावा किया कि राजद नेता तेजस्वी यादव से जुड़ा एक अधिकारी नीट-यूजी 2024 के कथित पेपर लीक मामले में बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी सिकंदर प्रसाद यादवेंदु के साथ लगातार संपर्क में था।

उन्होंने कहा कि राजद नेता से जुड़े अधिकारी और मुख्य आरोपी के बीच संबंधों की गहन जांच की जानी चाहिए। मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ को लेकर उपजे विवाद के बीच, शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द करने का बुधवार को आदेश दिया और मामले को गहन जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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