Amit Shah in Tamil Nadu: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई में जनसभा को संबोधित करते हुए एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजग अप्रैल, 2026 में तमिलनाडु में सरकार बनाएगा। अमित शाह ने तमिलनाडु की द्रमुक सरकार पर निशाना साधते हुए उसे देश की सबसे भ्रष्ट सरकार बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फोटो साभार: @AmitShah)
अमित शाह ने क्या कुछ कहा?
अमित शाह ने रैली में 2024 के बाद से भाजपा-एनडीए की सफलताओं का जिक्र किया जिसमें हरियाणा में लगातार तीसरी जीत भी शामिल थी। उन्होंने कहा कि अब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की बारी है। उन्होंने द्रमुक पर कथित भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या राज्य एक 'भ्रष्ट मंत्रियों की सेना' के साथ आगे बढ़ सकता है।
शाह ने वंशवाद पर साधा निशाना
अमित शाह ने द्रमुक के वंशवाद पर भी हमला किया और कहा कि परिवारवाद को कायम रखने का सपना पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में परिवारवाद का अंत करने का समय आ गया है। भाजपा के प्रमुख सहयोगी अन्नाद्रमुक के प्रमुख ई. के. पलानीस्वामी ने लगभग उसी समय सलेम जिले में एक रैली को संबोधित किया, जब शाह जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
शाह ने स्टालिन को घेरा
अमित शाह ने कहा कि अगर अपने घोषणापत्र के सबसे कम वादों को पूरा करने वाली कोई सरकार है तो वह तमिलनाडु में द्रमुक सरकार है। तमिलनाडु सरकार का एकमात्र उद्देश्य स्टालिन के पुत्र उदयनिधि को मुख्यमंत्री बनाना है। तमिलनाडु में वंशवाद की इस राजनीति का अंत करने का समय आ गया है। पहले करुणानिधि, फिर स्टालिन और अब उदयनिधि। उन्होंने कहा कि स्टालिन, आपका यह सपना पूरा नहीं होने वाला।
उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 में तमिलनाडु में राजग सरकार बनने वाली है। एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन स्वाभाविक गठबंधन है। हमने 1998 में एक साथ चुनाव लड़ा था। हमने 2019 और 2021 के चुनाव भी एक साथ लड़े थे। गृह मंत्री ने कहा कि स्टालिन ने यह गलत धारणा फैलाई कि राजग तमिल भाषा का विरोध करता है। आज मैं तमिलनाडु के लोगों को बताना चाहता हूं कि आईएएस और आईपीएस परीक्षाएं संस्कृत से पहले तमिल में आयोजित करने की पहल प्रधानमंत्री मोदी ने ही की थी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में तमिल अध्ययन के लिए सुब्रमण्यम भारती चेयर की स्थापना की।प्रधानमंत्री मोदी ने ही महान ग्रंथ तिरुक्कुरल का 13 भाषाओं में अनुवाद करवाया था।
