Jharkhand Rajya Sabha Election Results: झारखंड में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवाणी की शानदार जीत के बाद पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की सियासत भी गरमा गई है। छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार नाथ कश्यप ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा तंज कसा है। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भूपेश बघेल एक बार फिर अपनी पार्टी को जीत दिलाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।
झारखंड में हार के बाद तिलमिलाई कांग्रेस (फाइल फोटो)
रायपुर में मीडिया से बात करते हुए मंत्री केदार नाथ कश्यप ने भाजपा और कांग्रेस की चुनावी रणनीतियों की तुलना की। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "हमारी लीडरशिप ने विजय शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया था, जबकि कांग्रेस ने भूपेश बघेल पर भरोसा जताया। नतीजा सबके सामने है, कांग्रेस को यहाँ भी करारी हार का मुंह देखना पड़ा। भूपेश बघेल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे जहां भी जाते हैं, अपनी पार्टी का बंटाधार ही करते हैं।"
झारखंड चुनाव में 'क्रॉस वोटिंग' से सियासी बयानबाजी शुरू
दरअसल, झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद से विपक्षी 'इंडी' (INDIA) गठबंधन के भीतर दरारें साफ नजर आने लगी हैं। गठबंधन के विधायकों द्वारा बड़े पैमाने पर 'क्रॉस वोटिंग' करने की खबरें हैं, जिससे विपक्षी दलों के आपसी तालमेल की पोल खुल गई है।
दूसरी ओर, हार से तिलमिलाए कांग्रेस पर्यवेक्षक भूपेश बघेल ने भिलाई में पत्रकारों से चर्चा के दौरान अपनी ही सहयोगी पार्टियों पर धोखा देने का आरोप लगाया। बघेल ने दावा किया, "हमें कांग्रेस के सभी विधायकों के वोट मिले, लेकिन हमारे सहयोगियों ने ही पीठ में छुरा घोंपते हुए क्रॉस वोटिंग कर दी।"
भूपेश बघेल का भाजपा पर गंभीर आरोप
बघेल यहीं नहीं रुके, उन्होंने भाजपा पर धनबल का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "भाजपा के पास 21 सदस्य होने के बावजूद वे अपना उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर पाए। उन्होंने अंबानी के करीबी व्यक्ति (परिमल नथवाणी) का समर्थन किया। हमारे पास सिर्फ 16 सदस्य थे, फिर भी हमने मजबूती से अपना प्रत्याशी उतारा। भाजपा लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती है। वे पैसे के दम पर लोगों को खरीद रहे हैं। राज्यसभा को एक बाजार बना दिया गया है जहां विधायकों की नीलामी हो रही है।
सीएम हेमंत सोरेन के घर आपात बैठक
इस राजनीतिक घमासान और क्रॉस वोटिंग के विवाद के बीच, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren JMM Congress Meeting) के रांची स्थित आवास पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की एक आपात बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस प्रभारी के. राजू, झामुमो के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा प्रत्याशी बैद्यनाथ राम के साथ प्रणव झा भी शामिल हुए, जहां हार के कारणों और भविष्य की रणनीति पर गंभीर मंथन हुआ।
