Times Now Survey: आज अगर लोकसभा का चुनाव हो तो किसका पलड़ा भारी होगा? बीजेपी का या कांग्रेस या फिर विपक्षी एकता का? कौन मारेगा बाजी? ऐसे तमाम सवालों के जवाब टाइम्स नाउ नवभारत और ईटीजी रिसर्च के सर्वे में सामने आ गए हैं। सर्वे में साफ दिख रहा है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी फिर से बाजी मार ले जाएगी।
कितनी सीटें
टाइम्स नाउ नवभारत और ईटीजी रिसर्च के सर्वे में अगर आज लोकसभा चुनाव हुआ तो बीजेपी गठबंधन के खाते में 292 से लेकर 338 सीट, कांग्रेस गठबंधन के खाते में 106 से लेकर 144 सीट, टीएमसी गठजोड़ के खाते में 20 से 22 सीट , वाईएसआरपी के खाते में 24 से 25 सीट, बीजेडी के खाते में 11 से 13 सीट और अन्य के खाते में 50 से 80 सीटें जाती हुई नजर आ रही है।
| पार्टी/ गठबंधन | सीटों की संख्या |
| बीजेपी गठबंधन | 292-338 |
| कांग्रेस गठबंधन | 106-144 |
| टीएमसी गठजोड़ | 20-22 |
| वाईएसआर | 24-25 |
| बीजेडी | 11-13 |
| अन्य | 50 से 80 |
कितना वोट शेयर
आज हुए लोकसभा चुनाव तो वोट शेयर के मामले में भी बीजेपी, विपक्ष से काफी आगे हैं। वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी+ को 38.2 प्रतिशत, कांग्रेस+ को 28.7 प्रतिशत और अन्य को 33.1 प्रतिशत वोट मिलेगा।
सबसे मजबूत चेहरा
वहीं अगर पीएम पद के लिए सबसे मजबूत चेहरे की बात की जाए तो पीएम मोदी यहां भी बाजी मारते दिख रहे हैं। पीएम मोदी के पक्ष में 64% लोगों ने वोट किया है तो वहीं राहुल गांधी को 13% वोट मिला है। नीतीश कुमार को 6%, केसीआर को 5% और अरविंद केजरीवाल को 12% वोट मिला है।
विपक्ष का चेहरा कौन
वहीं 2024 में विपक्ष का चेहरा कौन होगा तो 29 प्रतिशत जनता राहुल गांधी, 13 प्रतिशत ममता बनर्जी के साथ, 19 प्रतिशत जनता केजरीवाल के साथ, 7 प्रतिशत केसीआर के साथ, 8 प्रतिशत नीतीश कुमार के साथ और 24 प्रतिशत किसी छुपे रुस्तम के साथ जाते दिखे।
2024 में बीजेपी को कितनी सीटें
इस सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि क्या 2024 में बीजेपी 300 से ज्यादा सीटें फिर ला पाएगी? इस सवाल के जवाब में 42 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इसमें शक नहीं है। वहीं 26 प्रतिशत लोग मानते हैं कि 300 सीट मुश्किल होगा। वहीं 19 प्रतिशत लोगों का कहना है कि यह चुनाव के वक्त पता चलेगा। 13 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वो कुछ कह नहीं सकते हैं।
राहुल गांधी की सदस्यता जाने पर कितना फायदा
इस सर्वे के दौरान जब लोगों से पूछा गया कि क्या राहुल की संसद सदस्यता जाने से कांग्रेस को फायदा होगा ? तो 39 प्रतिशत लोगों ने माना कि नहीं, यह कोर्ट का मामला है, इससे कांग्रेस को फायदा नहीं होगा। वहीं 23 प्रतिशत लोगों ने माना कि इससे कांग्रेस को सहानुभूति मिलेगी। 11 प्रतिशत लोगों ने माना कि कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
भारत जोड़ो यात्रा से राहुल को कितना फायदा
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर जब लोगों से पूछा गया कि इससे राहुल की राजनैतिक understanding में फर्क पड़ा है तो 30 प्रतिशत लोगों ने कहा कि हां इससे फर्क पड़ा है। वहीं 22 प्रतिशत लोगों ने माना कि जो कमाया वो लंदन टूर में गंवाया। 25 प्रतिशत लोगों का मानना है कि राहुल ठीक जा रहे हैं और मेहनत करें।
विपक्ष एक हो पाएगा?
क्या 2024 से पहले संपूर्ण विपक्ष एकजुट हो पाएगा? इस सवाल के जवाब में 31 प्रतिशत लोगों ने माना कि हां एकजुट हो जाएगा, क्योंकि यही जरूरत है। वहीं 26 प्रतिशत लोगों ने कहा कि नहीं, सबकी अपनी डफली अपनी राग है। 26 प्रतिशत लोगों ने माना कि पोस्ट पोल एलायंस की उम्मीद है।
अडानी पर जनता की राय
उद्योगपति गौतम अडानी पर चल रही राजनीति को कैसे देखते हैं? इस सवाल के जवाब में 34 प्रतिशत लोगों ने माना कि यह टारगेटेड प्रोपेगेंडा हैं। 16 प्रतिशत लोगों ने कहा कि यह इंटरनेशनल टूलकिट है। 19 प्रतिशत लोगों ने कहा कि यह देश के विरोध में है। वहीं 31 प्रतिशत लोगों ने माना कि जांच रिपोर्ट तक चुप रहें।
सीबीआई-ईडी पर क्या बोली जनता
इस सर्वे के दौरान 49 प्रतिशत लोगों ने माना की सीबीआई और ईडी का काम शानदार रहा है। वहीं 17 प्रतिशत लोगों ने माना कि करप्शन के मुद्दे पर पहले की सरकारें सोई रहीं हैं। 13 प्रतिशत लोगों ने माना कि देश का पैसा वापस आ रहा है। वहीं 21 प्रतिशत लोग बाकी तीनों सवालों से सहमत दिखे।
अतीक की हत्या पर जनता की राय
आजकर माफिया डॉन अतीक अहमद की हत्या को लेकर महौल गर्म है। इसे लेकर जब जनता से सवाल पूछा गया तो 44 प्रतिशत लोगों ने माना कि मिट्टी में मिला दिया। 16 प्रतिशत लोगों ने माना कि यह कानून के राज पर सवाल है। 19 प्रतिशत लोगों ने माना कि जैसा किया वैसा भरा। 21 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वो इस पर कुछ नहीं कह सकते हैं।
विपक्ष के आरोपों पर क्या बोली जनता
वहीं इस सर्वे के दौरान जब करप्शन पर एक्शन को लेकर हो रही राजनीति को लोग कैसे देखते हैं?- ये सवाल जब पूछा गया तो इसका जवाब भी विपक्ष के खिलाफ ही दिखा। 30 प्रतिशत लोगों ने माना कि यह बिना मतलब की राजनीति है। वहीं 32 प्रतिशत लोगों ने माना कि भ्रष्टाचारी बिलबिला रहे हैं। 14 प्रतिशत लोगों ने माना कि राजनीतिक दबाव की कोशिश है। वहीं 24 प्रतिशत लोगों का कहना था कि वो इस मामले पर कुछ नहीं कह सकते हैं।
मोदी सरकार की नीतियों पर क्या बोली जनता
इस सर्वे के दौरान लोगों से पूछा गया था कि वो मोदी सरकार 2.0 के कामकाज से कितने संतुष्ट हैं? जिसपर 51 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वो पूरी तरह संतुष्ट हैं। वहीं 16 प्रतिशत लोगों काफी काफी हद तक संतुष्ट दिखे। 12 प्रतिशत लोगों ने इसे औसत बताया तो वहीं 21 प्रतिशत लोगों ने अच्छा नहीं कहा।
मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि
जनता से जब नरेन्द्र मोदी 2.0 की सबसे बड़ी उपलब्धि के बारे में पूछा गया तो 26 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कोरोना से निपटना सरकार की बड़ी उपलब्धि है। वहीं 9 प्रतिशत लोगों ने कहा कि आर्टिकल 370 हटाना बड़ी उपलब्धि है। राम मंदिर के साथ 29 प्रतिशत तो जन कल्याण योजनाओं के साथ 17 प्रतिशत लोग गए। वहीं 19 प्रतिशत लोगों ने कहा कि भ्रष्टाचार पर कॉम्बैट एक्शन सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
