NDA-INDIA bloc protest : संसद में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच बना गतिरोध टूटता नजर नहीं आ रहा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष गुरुवार को संसद पहुंचते ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संसद के मकरद्वार पर एकत्र हुए विपक्षी दलों के सांसदों ने प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसी दौरान वहां एकत्र हुए एनडीए के सांसदों ने सरकार के कदम का बचाव किया। विपक्ष का कहना है कि इस पूरे मामले में पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए। इसके बाद ही वे NEET पेपर लीक सहित शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होंगे। विपक्ष के सांसद अपने हाथों में पेपर लीक लिखी तख्तियां ले रखे थे।
संसद में आमने-सामने सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद।
लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
इस प्रदर्शन के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही जब शुरू हुई तो सदन में विपक्ष शोर-शराबा एवं हंगामा करने लगा। सरकार ने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष चर्चा नहीं करना चाहता और चर्चा शर्तों पर नहीं हो सकती। रिजिजू ने कहा कि सरकार चाहती है कि चर्चा आज ही शुरू हो। रिजिजू के समझाने पर भी विपक्ष नहीं माना और हंगामा करता रहा। इस पर लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने निम्न सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। तो वहीं, राज्यसभा में विपक्ष ने भी जोरदार हंगामा किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह X पर अपने एक ट्वीट में पेपर लीक के दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।'
अब नेतृत्व दिखाने का समय आ गया है-प्रियंका
फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने वाले पीएम के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'प्रधानमंत्री एक नेता हैं और अब नेतृत्व दिखाने का समय आ गया है। छात्रों की मांगों को सुनिए। वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जिन लोगों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का सिस्टम से भरोसा उठ चुका है। अगर आप उसी सिस्टम के भीतर समाधान देंगे, तो छात्र उसे स्वीकार नहीं करेंगे। समाधान तभी निकलेगा जब आप उनकी मांगें मानेंगे। आप ट्वीट कर कहते हैं कि आपको छात्रों पर भरोसा है, लेकिन कल रात उन्हीं छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। अगर छात्रों पर भरोसा है, तो उन पर लाठियां क्यों बरसाई गईं? अगर आप सचमुच छात्रों की चिंता करते हैं, तो उन्हें बुलाकर उनसे बात कीजिए।'
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, 'आजकल प्रधानमंत्री की बातों पर कोई विश्वास नहीं करता। उनके शब्दों की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। सबसे पहले उन्हें धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटाना चाहिए, उसके बाद ही छात्रों से बात करनी चाहिए।'
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी-BJP
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा, 'प्रधानमंत्री पहले भी कह चुके हैं कि पेपर लीक के दोषियों, नीट परीक्षा में छात्रों को हुई परेशानियों के जिम्मेदार लोगों और इस पूरे मामले में शामिल आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए इस मामले का जल्द निपटारा होगा। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।'
प्रधान को बचाने की एक और कोशिश-सीपीआई
सीपीआई सांसद पी. संदोश कुमार ने कहा, 'यह धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की एक और कोशिश है। प्रधानमंत्री पूरी तरह जमीनी हकीकत से कट चुके हैं। विपक्ष छात्रों और उनकी मांगों के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री को वास्तविक स्थिति समझनी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान में ऐसा क्या खास है? हमारी मांग साफ है—इस मामले की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।'
