Narendra Modi speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुराना अंदाज एक बार फिर संसद में देखने को मिला। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का बुधवार को लोकसभा में जवाब देते हुए उन्होंने 1992 की अपनी उस स्पीच का जिक्र किया जिसमें उन्होंने आतंकवादियों को खुली चुनौती दी थी। जम्मू-कश्मीर के हालात पर विपक्ष के सदस्यों ने अपनी बात रखी थी। इसी चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की घटना का जिक्र किया और तबके और आज के जम्मू कश्मीर के हालात का अंतर बताया। पीएम ने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर शांति का माहौल है और लोग वहां सैकड़ों की संख्या में पर्यटन के लिए जा सकते हैं।
लोकसभा में पीएम मोदी ने अपनी 1992 की स्पीच को याद किया।
अलगाववादी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे
उन्होंने कहा, 'जम्मू कश्मीर में शांति आ गई है, वहां सैकड़ों की संख्या में लोग जा सकते हैं। पर्यटन की दुनिया में कई दशकों बाद जम्मू कश्मीर ने रिकॉर्ड तोड़े हैं। जम्मू कश्मीर में आज लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है। हर घर तिरंगा अभियान के सफल कार्यक्रम होते हैं। कुछ लोग थे जो यह कहते थे कि तिरंगे की वजह से उन्हें शांति बिगड़ने का खतरा लगता था। वक्त देखिए अब वो भी तिरंगा यात्रा में शरीक हो गए। श्रीनगर के अंदर दशकों बाद सिनेमाघर हाउस फुल चल रहे हैं और अलगाववादी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं।
1992 की एकता यात्रा में क्या कहा था
'आतंकवादियों ने लाल चौक पर पोस्टर लगाए हैं...दीवारों पर लिखा है..जिसने अपनी मां का दूध पिया हो..वो श्रीनगर के लाल चौक पर आए। यहां आकर भारत का तिरंगा झंडा फहराए। अगर वह लौटकर जिंदा चला गया तो आतंकवादी उसे इनाम देंगे। आतंकवादी कान खोलकर सुन लें..26 जनवरी तो परसों है...चंद घंटे बाकी हैं। लाल चौक पर फैसला हो जाएगा किसने अपनी मां का दूध पिया है।'The 24th January 1992 speech that PM Modi referred to in the Lok Sabha today (8th Feb 2023)"Lal Chowk is covered… t.co/FjPqxtOGYD
— ANI (@ANI) Feb 8, 2023
लोकसभा में 1992 के वक्त को याद किया
यहां जम्मू कश्मीर की भी चर्चा हुई। आप अभी-अभी जम्मू-कश्मीर घूमकर आए। आपने देखा होगा कि आप कितने आन-बान और शान के साथ जम्मू-कश्मीर घूम सकते हो। आदरणीय अध्यक्ष जी ..पिछली शताब्दी के उत्तरार्ध में मैं भी जम्मू कश्मीर में यात्रा लेकर गया था और लाल चौक पर तिरंगा फहराने का संकल्प लेकर चला था। तब आतंकवादियों ने पोस्टर लगाए थे। कहा था देखते हैं किसने अपनी मां का दूध पिया है जो लाल चौक पर आकर तिरंगा फहराता है और उस दिन 24 जनवरी थी। मैंने जम्मू के अंदर भरी सभा में कहा था। तब मैंने कहा था आतंकवादी कान खोनकर सुन लें...26 जनवरी को ...ठीक 11 बजे मैं लाल चौक पहुंचूंगा...बिना सुरक्षा और बुलेटप्रूफ जैकेट के आऊंगा...फैसला लाल चौक पर होगा किसने अपनी मां का दूध पिया है।Highlighted how the situation in Jammu and Kashmir has changed for the betterment of the people. t.co/zDRviSAdNS
— ANI (@ANI) Feb 8, 2023
