Wangchuk's Detention Order Revoked: कांग्रेस ने शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को रद्द करने के केंद्र सरकार के फैसले को मोदी सरकार का "यू-टर्न" करार दिया और कहा कि उसे न सिर्फ वांगचुक, बल्कि लद्दाख के लोगों से भी माफी मांगनी चाहिए।
वांगचुक की हिरासत रद्द
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि उन सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए जिन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए हिरासत में लिया गया था। केंद्र ने शनिवार को कहा कि उसने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। उन्हें लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद करीब छह महीने पहले गिरफ्तार किया गया था, जिनमें चार लोगों की मौत हो गई थी।
मोदी सरकार पर बरसी कांग्रेस
रमेश ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, "कांग्रेस ने छह महीने पहले सोनम वांगचुक की पूरी तरह से फर्जी आधार पर की गई गिरफ्तारी की निंदा की थी। अब मोदी सरकार ने पूरी तरह से यू-टर्न ले लिया है। यह पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है।" उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को न केवल वांगचुक और उनके परिवार से, बल्कि लद्दाख के लोगों से भी माफी मांगनी चाहिए। रमेश ने कहा, "इसे उन सभी लोगों को तुरंत रिहा करना चाहिए जिन्हें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के लिए हिरासत में लिया गया था।"
जेल से रिहा हुए वांगचुक
सनद रहे कि तत्काल प्रभाव से हिरासत रद्द होने के बाद वांगचुक को शनिवार को जोधपुर केंद्रीय जेल से रिहा कर दिया गया। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद, 26 सितंबर 2025 को वांगचुक को हिरासत में लिया गया था। विरोध-प्रदर्शनों में 22 पुलिसकर्मियों सहित 45 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
