भारत सरकार, पाकिस्तान के साथ हालिया संघर्ष को लेकर अब पाक के खिलाफ बड़ी तैयारी कर रही है। मोदी सरकार दुनिया भर में एक बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी, जो पाकिस्तान के कारनामो को उजागर करेगी। इस बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल में देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी शामिल होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
कांग्रेस का दावा
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक बड़े कूटनीतिक अभियान के तहत सरकार अगले सप्ताह से विश्व मंच पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को उजागर करने के लिए कई सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों में भेजेगी। सरकार ने विपक्ष सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से बात की है और कुछ दलों ने कूटनीतिक अभ्यास के लिए अपने सदस्यों की उपस्थिति को भी मंजूरी दे दी है। हालांकि प्रतिनिधिमंडलों या उनके सदस्यों की सही संख्या के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है, लेकिन कुछ नेताओं ने कहा कि 30 से अधिक सांसद हो सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल 10 दिनों की अवधि के लिए विभिन्न देशों का दौरा करेंगे। सांसद सरकार द्वारा निर्धारित देशों के विभिन्न ब्लॉकों का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) सांसदों को उनके राजनयिक मिशन के लिए रवाना होने से पहले जानकारी देगा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि वह इस प्रयास का हिस्सा होगी।
'किरेन रीजीजू ने की खड़गे से बात'
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इस बारे में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भारत का रुख समझाने के लिए बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल विदेश भेजने का फैसला किया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हमेशा राष्ट्रीय हित के साथ खड़ी होती है और कभी भी भाजपा की तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं करती है। इसलिए, कांग्रेस निश्चित रूप से इन प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा होगी।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ गया था तनाव
बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इसके बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया तथा पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।
