देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार अब कानून को और अधिक सख्त बनाने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में महत्वपूर्ण संशोधनों की तैयारी में है। आज होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इन प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दी जा सकती है। पीएम मोदी गुरुवार को ही फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा कर चुके हैं। पीएम मोदी ने कहा था, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।"
नीट पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी में सरकार (फाइल फोटो- PTI)
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जल्द न्याय के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट
प्रस्तावित संशोधनों का सबसे प्रमुख पहलू मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करना है। सूत्रों के मुताबिक, नए संशोधनों के तहत पेपर लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रावधान शामिल हो सकता है। इन विशेष अदालतों को मुकदमों के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए अतिरिक्त अधिकार दिए जा सकते हैं, ताकि दोषियों को बिना किसी विलंब के सजा दिलाई जा सके।
सजा और जुर्माने को और कड़ा करने की तैयारी
सरकार कानून को इतना सख्त बनाना चाहती है कि यह अपराधियों के लिए एक बड़े सबक के रूप में काम करे। इसके तहत मौजूदा सजा की अवधि और जुर्माने की राशि में बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया जा सकता है।
वर्तमान कानून में क्या हैं प्रावधान?
| अपराध की श्रेणी | वर्तमान सजा (कैद) | वर्तमान जुर्माना |
| सामान्य अनियमितता / दोषी व्यक्ति | 3 से 5 वर्ष | ₹10 लाख तक |
| सेवा प्रदाता संस्थाएं | - | ₹1 करोड़ तक |
| संगठित अपराध | 5 से 10 वर्ष | न्यूनतम ₹1 करोड़ |
