Railway Projects: देश में रेलवे के नेटवर्क में और अधिक विस्तार होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारतीय रेलवे की सात मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान कर दी। इस पर करीब 32,500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 2339 किलोमीटर जोड़ा जा सकेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
नौ राज्यों के 35 शहर जुड़ेंगे
प्रस्तावित परियोजना से भारतीय रेलवे की वर्तमान रेल लाइन क्षमता को बढ़ाने, ट्रेन परिचालन को सुगम बनाने, भीड़भाड़ को कम करने और यात्रा को आसान बनाने में मदद मिलेगी। देश के नौ राज्यों के 35 शहरों से जुड़ी इस परियोजना से रेलवे के वर्तमान नेटवर्क में 2339 किलोमीटर जोड़ा जा सकेगा। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
हरित आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए ‘पीएम ई बस सेवा' को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने नगरीय बस परिवहन सेवा का विस्तार करने, उसे सुविधाजनक बनाने और हरित आवाजाही को बढ़ाने के लिए पीएम-ई बस सेवा को मंजूरी दी जिस पर 10 वर्षो में 57,613 करोड़ रूपये खर्च किये जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई । इस में उन शहरों को प्राथमिकता दी जायेगी जहां व्यवस्थित परिवहन सेवा की कमी है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम पर 57,613 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और 10 हजार इलेक्ट्रिक बसों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह राशि 10 वर्ष में खर्च की जाएगी । इसके लिए केंद्र सरकार 20 हजार करोड़ रुपये देगी और शेष राशि राज्यों को देनी होगी। ठाकुर ने बताया कि देश में 3 लाख से 40 लाख की आबादी वाले 169 शहर हैं और इस कार्यक्रम के लिए इनमें से ‘चैलेंज मोड’ के आधार पर 100 शहरों का चयन किया जाएगा। ई-बसें सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत इन चुने गए शहरों में परिचालित की जाएंगी। (Bhasha Input)
