Modi cabinet Meet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें सेमी कंडक्टर यूनिट की स्थापना सहित कई अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिए गए अहम फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में एचसीएल-फॉक्सकॉन के संयुक्त उद्यम सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना को मंजूरी दी, इसपर 3,706 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
इस परियोजना की खासियत:
- जेवर में सेमीकंडक्टर यूनिट 3706 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी।
- इस यूनिट में 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
- यह यूनिट एचसीएल-फॉक्सकॉन की ज्वाइंट वेंचर होगी।
- 1 जनवरी, 2022 को पीएम मोदी ने पहली सेमीकंडक्टर परियोजना लॉन्च की थी और यह छठी परियोजना है।
क्या कुछ बोले अश्विनी वैष्णव?
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर संयंत्र में मोबाइल फोन, लैपटॉप, वाहन, अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप का विनिर्माण होगा। उन्होंने कहा कि एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर संयंत्र में प्रति माह 20,000 वेफर्स का विनिर्माण होगा।
देश में पहले से ही पांच सेमीकंडक्टर यूनिट्स निर्माण के उन्नत चरणों में हैं। इस छठी यूनिट के साथ भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की दिशा में और प्रगति कर रहा है। आज छठी यूनिट को मोदी मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई। यह एचसीएल और फॉक्सकॉन का एक संयुक्त उद्यम है। हार्डवेयर विकसित करने और निर्माण करने का एचसीएल का लंबा अनुभव रहा है। फॉक्सकॉन इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में एक वैश्विक प्रमुख कंपनी है। दोनों मिलकर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण या वाईईआईडीए में जेवर एयरपोर्ट के पास एक यूनिट स्थापित करेंगे।
कितनी है डिजाइन आउटपुट क्षमता?
यह यूनिट मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी और डिस्प्ले संबंधी अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण करेगा। इस यूनिट को 20,000 वेफर्स प्रति माह के अनुसार से डिजाइन किया गया है और इसकी डिजाइन आउटपुट क्षमता 36 मिलियन यूनिट प्रति माह है।
सेमीकंडक्टर उद्योग अब पूरे देश में विस्तारित हो रहा है। देशभर के कई राज्यों में विश्व स्तरीय डिजाइन सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्य सरकारें डिजाइन फर्मों को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रयास कर रही हैं। 270 शैक्षणिक संस्थानों और 70 स्टार्टअप में छात्र और उद्यमी नए उत्पादों के विकास के लिए विश्व स्तरीय नवीनतम डिजाइन तकनीकों पर काम कर रहे हैं। इन शैक्षणिक संस्थानों द्वारा विकसित 20 उत्पादों को एससीएल मोहाली द्वारा टेप आउट(डिजाइन चरण-आवश्यक सत्यापन और मान्यता चरण को पूरा करने की प्रक्रिया) किया गया है।
