Modi Cabinet Meet: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 3.0 ने किसानों के लिए अहम फैसला लिया है। मोदी कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। ये जानकारी सामने आई है कि इस फैसले के तहत किसानों के लिए 14 फसलों पर MSP लागू कर दिए गए हैं। इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा की है।
MSP पर सरकार का बड़ा फैसला।
14 खरीफ सीजन की फसलों पर MSP को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "मंत्रिमंडल ने धान, रागी, बाजरा, ज्वार, मक्का और कपास सहित 14 खरीफ सीजन की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी है।"
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि "पीएम मोदी का तीसरा कार्यकाल बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसानों के कल्याण के लिए कई फैसलों के माध्यम से परिवर्तन के साथ निरंतरता पर केंद्रित है।"
पिछले सीजन की तुलना में 35,000 करोड़ रुपये अधिक
खरीफ सीजन की फसलों के लिए एमएसपी पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि "आज के फैसले से किसानों को एमएसपी के रूप में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। यह पिछले सीजन की तुलना में 35,000 करोड़ रुपये अधिक है।"
महाराष्ट्र के पालघर जिले में पोर्ट का अप्रूवल हो गया
महाराष्ट्र के वधावन में एक हर मौसम में काम आने वाला ग्रीनफील्ड डीप-ड्राफ्ट मेजर पोर्ट विकसित करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले पर अश्विनी वैष्णव ने कहा, "महाराष्ट्र के पालघर जिले के दहानू में वधावन पोर्ट के लिए 76,200 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस पोर्ट की क्षमता 23 मिलियन टीयू होगी, इसकी क्षमता 298 मिलियन टन होगी। इस पोर्ट से 12 लाख रोजगार पैदा होने का अनुमान है।"
भारत की पहली अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजना
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की पहली अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजना को मंजूरी देकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। ये 1GW अपतटीय पवन परियोजनाएं होंगी, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 500 मेगावाट (गुजरात और तमिलनाडु के तट पर) होगी। यह भारत के लिए एक बड़ा अवसर है।"
महाराष्ट्र के वधावन में हर मौसम में उपयोग होने वाला ग्रीनफील्ड डीप-ड्राफ्ट प्रमुख बंदरगाह विकसित करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "यह IMEC (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर) का एक अभिन्न अंग होगा। इसका निर्माण जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण और महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड के संयुक्त उद्यम द्वारा किया जाएगा। यह दुनिया के शीर्ष 10 बंदरगाहों में से एक होगा।"
