MEA statement on Pak-Saudi 'military alliance': सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते पर भारत सरकार ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि 'सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच एक रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हुए हस्ताक्षर की रिपोर्टों को हमने देखा है।' प्रवक्ता ने कहा कि 'भारत सरकार इस बात से परिचित है कि दोनों देशों के बीच एक दीर्घकालिक व्यवस्था को आकार देने वाले इस रक्षा समझौते पर बातचीत चल रही थी।'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। तस्वीर-PTI
राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं-MEA
जायसवाल ने आगे कहा कि 'हम अपने राष्ट्रीय हितों के साथ-साथ क्षेत्रीय एवं वैश्विक स्थिरता के लिहाज से इस रक्षा समझौते के निहितार्थों का अध्ययन करेंगे। सरकार भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और सभी क्षेत्रों में व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।'
NATO की तर्ज पर रक्षा समझौता
दरअसल, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) की तर्ज पर एक सैन्य समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। पाकिस्तान परमाणु हथियार संपन्न देश है। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब पारंपरिक रूप से अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर निर्भर खाड़ी देश कतर में इजरायल के मिसाइल हमलों के बाद से बेहद डरे हुए हैं। इस समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रियाद में हस्ताक्षर किए। शहबाज शरीफ इस समय रियाद के दौरे पर हैं।
एक पर हमला दोनों देशों पर माना जाएगा
‘जियो न्यूज’ की खबर के अनुसार, ‘रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते’ पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की रियाद की यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए। यहां अल-यममाह पैलेस में क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने उनका स्वागत किया। ‘डॉन’ अखबार के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एक बयान में कहा गया है कि समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की गई, जिसमें कहा गया कि दोनों में से किसी एक देश के खिलाफ किसी भी तरह के आक्रमण को दोनों देशों पर हमला माना जाएगा।
रियाद के दौरे पर हैं पीएम शहबाज
हस्ताक्षर समारोह के बाद जारी एक संयुक्त वक्तव्य में कहा गया, ‘लगभग आठ दशकों से चली आ रही साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए तथा भाईचारे, इस्लामी एकजुटता और साझा रणनीतिक हितों के बंधनों पर आधारित दोनों पक्षों ने रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए।’ इससे पहले सऊदी राजधानी पहुंचने पर प्रधानमंत्री शरीफ का स्वागत रियाद के उप-गवर्नर मुहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन अब्दुलअजीज ने किया।
