Amelia Earhart Plane Search 900000 Dollars: अमेलिया इयरहार्ट के गायब होने से जुड़े रहस्य को सुलझाने की कोशिश में, 17 सदस्यों वाली एक रिसर्च टीम तारावा, किरिबाती से 6 दिन और 830 नॉटिकल मील की समुद्री यात्रा कर रही है ताकि उनके विमान का मलबा ढूंढा जा सके। 'ताराया ऑब्जेक्ट' अभियान दल के बीते दिन सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को स्थानीय समय के अनुसार दोपहर के आसपास निकुमारोरो एटोल पहुंचने की संभावना थी। इसके साथ ही एविएशन हिस्ट्री के सबसे बड़े और अनसुलझे रहस्यों में शुमार अमेरिकी पायलट अमेलिया इयरहार्ट की गुमशुदगी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। इयरहार्ट दुनिया की पहली ऐसी महिला रहीं, जिन्होंने अकेले नॉन-स्टॉप अटलांटिक महासागर पार किया था। लेकिन जुलाई 1937 में अपनी ऐतिहासिक ग्लोबल फ्लाइट के दौरान अपने नेविगेटर फ्रेड नूनन के साथ प्रशांत महासागर में रहस्यमय तरीके से अचानक गायब हो गई थीं।
अब एक नए शोध और खोजी अभियान के तहत शोधकर्ताओं ने इस मिस्ट्री को सुलझाने के लिए $900,000 का एक नया और महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है। आइए जानते हैं कि इस भारी-भरकम खर्च के पीछे की असली वजह क्या है और कौन सी नई थ्योरी इस खोज को हवा दे रही है।
अमेलिया इयरहार्ट कौन थीं?
अमेलिया इयरहार्ट एक अग्रणी पायलट, लेखिका और महिलाओं के अधिकारों की समर्थक थीं। मई 1932 में, वह अटलांटिक महासागर के ऊपर अकेले और बिना रुके उड़ान भरने वाली पहली महिला (और चार्ल्स लिंडबर्ग के बाद दूसरी व्यक्ति) बनीं। उन्होंने गति और दूरी के कई रिकॉर्ड भी बनाए।
छोटे बालों और आजाद सोच वाली इस महिला ने कमर्शियल एविएशन को बढ़ावा देने और महिलाओं को पुरुषों के दबदबे वाले क्षेत्रों में आने के लिए प्रेरित करने के लिए अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। वह एक ग्लोबल सेलिब्रिटी और फैशन आइकॉन बन गईं। उन्होंने पर्ड्यू यूनिवर्सिटी में महिलाओं के लिए करियर काउंसलर के तौर पर काम किया और महिला पायलटों के लिए एक इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन 'नाइंटी-नाइन्स' (Ninety-Nines) की स्थापना में मदद की।
अमेलिया इयरहार्ट कब गायब हुईं?
2 जुलाई, 1937 को दुनिया भर में 29,000 मील की एक बड़ी उड़ान के दौरान, ईयरहार्ट और उनके नेविगेटर, फ्रेड नूनन गायब हो गए। वे सेंट्रल पैसिफिक ओशन में हाउलैंड आइलैंड के पास गायब हुए, जो एक छोटा सा कोरल आइलैंड था और जहां उन्हें लैंड करके फ्यूल भरना था।
दो इंजन वाले लॉकहीड इलेक्ट्रा 10E विमान को उड़ाते हुए, ईयरहार्ट ने पास ही मौजूद U.S. कोस्ट गार्ड के जहाज 'इटास्का' को कई घबराहट भरे और खराब क्वालिटी वाले रेडियो मैसेज भेजे। उन्होंने बताया कि उनके विमान का ईंधन खत्म हो रहा था और उन्हें वह द्वीप नहीं मिल पा रहा था।
U.S. सरकार ने उस समय तक का सबसे बड़ा और सबसे महंगा नौसैनिक खोज अभियान चलाया, लेकिन उन्हें विमान या उसमें सवार लोगों का कोई भी ठोस सबूत नहीं मिला।
आज भी इयरहार्ट के गायब होने की चर्चा क्यों होती है?
लगभग 89 साल बाद भी, लगातार अटकलों, नए वैज्ञानिक अभियानों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों की वजह से ईयरहार्ट की कहानी बहुत अहम बनी हुई है। चूंकि आधिकारिक तौर पर विमान का कोई मलबा नहीं मिला, इसलिए लोगों के बीच मुख्य रूप से तीन थ्योरी (सिद्धांत) पर चर्चा होती है:
क्रैश और डूबना: विमान का ईंधन खत्म हो गया और वह गहरे समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
कैस्टअवे (अकेले फंसने) की थ्योरी: वह एक दूर-दराज की रीफ (निकुमारोरो द्वीप) पर उतरीं और कुछ समय तक जीवित रहीं, लेकिन अंततः अकेले फंसे होने की स्थिति में उनकी मौत हो गई।
जासूस / पकड़े जाने की थ्योरी: वह अमेरिकी सरकार के लिए एक गुप्त जासूसी मिशन पर थीं और जापानी सेना ने उन्हें पकड़ लिया था।

पहले भी हुई बड़ा खोज, कुछ नहीं मिला
क्यों खर्च किए जा रहे हैं $900,000? (नया अभियान और 'ताराया ऑब्जेक्ट')
पर्ड्यू यूनिवर्सिटी (Purdue University) और पुरातत्वविदों के एक दल (जिसका नेतृत्व पुरातत्वविद् रिक पेटीग्र्यू और उनकी टीम कर रही है) ने प्रशांत महासागर के एक निर्जन और दूरदराज के द्वीप निकुमारो (Nikumaroro Island) की तरफ रुख किया है। इस 17-सदस्यीय टीम के $900,000 के इस मिशन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
सैटेलाइट और एरियल तस्वीरें: शोधकर्ताओं के हाथ कुछ ऐसी सैटेलाइट और ऐतिहासिक तस्वीरें (जो 1938 से चली आ रही हैं) लगी हैं, जिनमें निकुमारो द्वीप के एक लैगून के भीतर पानी के नीचे विमान जैसी एक रहस्यमयी आकृति (जिसे 'ताराया ऑब्जेक्ट' / Taraia Object कहा जा रहा है) दिखाई दी है।
कास्टअवे थ्योरी (Castaway Theory): इस बात के कयास लंबे समय से लगाए जाते रहे हैं कि अमेलिया का विमान समंदर में सीधे क्रैश होने के बजाय इस निर्जन द्वीप पर उतरा था और संभवतः उन्होंने कुछ समय तक वहां जीवित रहने का संघर्ष किया हो। द्वीप पर पहले भी कुछ ऐसी सामग्रियां और हड्डियां मिली थीं, जिन्होंने इस थ्योरी को बल दिया था।
5 दिवसीय गहन जांच: यह नया अभियान उसी संदिग्ध वस्तु की सच्चाई का पता लगाने के लिए सोनार (Sonar), मैग्नेटोमीटर और पानी के नीचे की आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है ताकि यह साफ हो सके कि वह डूबा हुआ ढांचा अमेलिया के लॉकीड इलेक्ट्रा (Lockheed Electra) विमान का है या फिर महज समुद्र का कोई मलबा या पेड़ (जैसे कि स्थानीय ताड़ के पेड़ की जड़ें)।
इतिहास का वह अनसुलझा दौर
1932 में अटलांटिक महासागर को अकेले पार करके पूरी दुनिया में तहलका मचाने वाली अमेलिया इयरहार्ट 1937 में दुनिया का चक्कर लगाने निकली थीं। अपनी यात्रा के अंतिम चरणों में वे ईंधन की कमी से जूझ रही थीं और उसके बाद उनका कोई आधिकारिक सुराग नहीं मिला। अमेरिकी सरकार की आधिकारिक स्थिति यह थी कि विमान समंदर में गिर गया था, लेकिन समय-समय पर मिलने वाले नए सुरागों ने इस खोज को हमेशा जिंदा रखा है।
गलत संकेतों का इतिहास
टीम सावधानी से आगे बढ़ रही है, क्योंकि हाल के सालों में ऐसी ही बड़ी-बड़ी उम्मीदें बेकार साबित हुई हैं:
2024 का सोनार रॉक: 2024 की शुरुआत में, गहरे समुद्र की खोज करने वाली कंपनी 'डीप सी विजन' ने तब दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं, जब उन्होंने हाउलैंड द्वीप के पास 16,000 फीट की गहराई में एक विमान जैसी सोनार आकृति का पता लगाया। नवंबर 2024 तक, यह साबित हो गया कि वह असल में एक प्राकृतिक चट्टान थी।
2019 की टाइटैनिक टीम की खोज: 2019 में, रॉबर्ट बैलार्ड (समुद्री पुरातत्वविद् जिन्होंने टाइटैनिक के मलबे की खोज की थी) ने निकुमारोरो के आसपास के पानी में एक उभरी हुई चीज की तलाश की, जिसके बारे में माना जा रहा था कि वह लैंडिंग गियर हो सकता है, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।
