भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) की साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय महत्व के कई प्रमुख मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के हालातों से लेकर रूसी सेना में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षित वापसी तक पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
भारत करेगा ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की मेजबानी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में स्थानीय लोगों पर पाकिस्तानी प्रशासन द्वारा किए जा रहे बल प्रयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई में 40 से अधिक मासूम लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जायसवाल ने बताया कि वहां के नागरिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों से निष्पक्ष जांच की गुहार लगा रहे हैं। भारत ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वह पाकिस्तान के इस रवैये पर ध्यान दे और उसे नागरिकों पर हो रहे जुल्मों के लिए जवाबदेह ठहराए।
रूसी सेना में फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी
एएनआई द्वारा पूछे गए सवाल रूसी सेना में शामिल भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार के लगातार प्रयासों से अब तक 139 भारतीयों को सुरक्षित रिहा करा लिया गया है। वहीं, रूसी सेना में मौजूद बाकी लगभग दो दर्जन भारतीयों की जल्द वापसी के लिए प्रयास जारी हैं। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने देश के युवाओं को ऐसे फर्जी एजेंटों और जॉब ऑफर से सावधान रहने की सलाह दी है, जो जोखिम भरी नौकरियां देकर लोगों को गुमराह करते हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन और अमेरिकी ऊर्जा विधेयक
भारत द्वारा आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन पर बात करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस अध्यक्षीय जिम्मेदारी के तहत सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर रहा है। वहीं, अमेरिकी सीनेट के बिल से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह से देश की प्राथमिकताओं पर आधारित है। भारत अपने नागरिकों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिका सहित विभिन्न देशों के साथ जुड़ा हुआ है और इस मामले पर लगातार नज़र बनाए हुए है।
