पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के अलीपुर इलाके में बुधवार सुबह एक नौ मंजिला सरकारी इमारत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 17 गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि इमारत की ऊपरी मंजिलों तक आग फैल गई थी।
कोलकाता में सरकारी इमारत में भीषण आग। (फोटो- pti)
सुबह लगी आग, फिर शुरू हुआ रेस्क्यू
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग सुबह करीब 9:50 बजे लगी। जिसके बाद आग तीसरी और चौथी मंजिल से धीरे-धीरे फैल गई, जहां सबसे पहले तेज लपटें देखी गईं।यह इमारत दक्षिण 24 परगना जिले के प्रशासनिक कार्यालय के रूप में इस्तेमाल की जाती है। आग लगने के बाद इमारत की ऊपरी मंजिल पर फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती घंटों में आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था, लेकिन बाद में शीर्ष दो मंजिलों पर फिर से लपटें उठने लगीं, जिसके बाद राहत और बचाव अभियान को और तेज करना पड़ा।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इमारत के आसपास पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण ‘स्काई लैडर’ को भवन के नजदीक ले जाने में दिक्कत आई। इसके अलावा, अत्यधिक धुएं की वजह से अग्निशमन कर्मियों को सीढ़ियों के जरिए अंदर पहुंचने में भी परेशानी हुई। शुरुआत में बाहर से पानी की बौछारें की गईं और बाद में दमकलकर्मी इमारत के भीतर पहुंच सके। सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान का कार्यालय भी इसी इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित था। जहांगीर खान दक्षिण 24 परगना जिला परिषद की सड़क एवं परिवहन स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। उल्लेखनीय है कि उन्हें हाल ही में रंगदारी और अन्य आरोपों के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
भाजपा ने लगाए आरोप
घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने आग लगने की घटना को संदिग्ध बताते हुए कहा कि इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं यह सबूत मिटाने की कोशिश तो नहीं है। भाजपा नेता राकेश सिंह ने भी मामले में तृणमूल कांग्रेस नेताओं की संभावित भूमिका की जांच की मांग की है। हालांकि, भाजपा के आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अग्निशमन विभाग का कहना है कि शॉर्ट सर्किट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। घटना की जांच जारी है।
