Manish Sisodia: नीट परीक्षा से जुड़े विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ संविदा कर्मचारियों को हटाना केवल दिखावटी कदम है और इससे मामले की जवाबदेही तय नहीं होती। सिसोदिया ने दावा किया कि छात्र अब भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं और केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होंगे।
मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो)
"देखो मोदी जी ने कितना बड़ा एक्शन ले लिया"
दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा कि, "इसी को कहते हैं - लीपापोती। NTA के कुछ कांट्रैक्ट कर्मचारियों को हटा दिया गया है। ये GenZ को बरगलाने की कोशिश की जा रही है - ‘देखो मोदी जी ने कितना बड़ा एक्शन ले लिया’। लेकिन सुबह तक देखना, GenZ इस लॉलीपॉप के मीम बनाकर, मोदी जी के नाश्ते की थाली में वापस परोस देगा और कहेगा- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी नहीं चलेगा।
47 अधिकारियों की सेवाएं खत्म
बता दें कि NTA ने 47 अधिकारियों की सेवाएं खत्म कर दी हैं। साथ ही, कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी किए जाने की बात सामने आ रही है। कहा यह भी जा रहा है कि अगले एक महीने के अंदर एनटीए की पूरी व्यवस्था में पुनर्गठन किया जाएगा। इसकी मुख्य वजह एजेंसी के काम करने के तरीके को बेहतर बनाना और नेशनल एग्जामों को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित करना है।
किसकी सिफारिशों के आधार पर किया जाएगा बदलाव?
सूत्रों का कहना है कि, एनटीए की ओर से परीक्षाओं के आयोजन के लिए जिस तरह आउटसोर्सिंग की जाती है, उसमें भी फेरबदल किया जाएगा। आने वाले समय में परीक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों और प्रक्रियाओं को लेकर नए नियम और व्यवस्था लागू की जा सकती है। यह बदलाव विशेषज्ञों की एक समिति की सिफारिशों के आधार पर किया जाएगा।
इसे भी टाइम्स नाउ नवभारत पर पढ़ें- NEET Paper Leak:'सबूत ही नहीं तो फास्ट ट्रैक कोर्ट किसके लिए?' केंद्र पर अरविंद केजरीवाल का बड़ा सवाल
किस तरह से तैयार किया जा रहा है NTA की नई व्यवस्था को?
जानकारी के मुताबिक NTA की नई व्यवस्था को इस तरह तैयार किया जा रहा है, जिससे एग्जाम प्रोसेस को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। इसके लिए एक लीक प्रूफ व्यवस्था तैयार करने की योजना है। परीक्षा से जुड़े अलग-अलग स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी।
