मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल सप्लाई बाधित होने के बीच भारत ने साफ किया है कि यहां कोई उर्जा संकट नहीं है। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि घबराने वाली कोई बात नहीं है, वर्तमान में हमारे पास पर्याप्त मात्रा में तेल रिजर्व है। इस बीच, सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने अपनी रिफाइनरी के कुछ हिस्सों को बंद करने की अफवाहों का खंडन किया है। एमआरपीएल ने स्पष्ट किया है कि रिफाइनरी सामान्य रूप से काम कर रही है। कंपनी ने यह भी कहा है कि उसके पास परिचालन जारी रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल का भंडार कर लिया है।
मंगलुरू रिफाइनरी ने किया अफवाहों का किया खंडन।
कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजे स्पष्टीकरण में कहा कि सोशल मीडिया पर फैली यह जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है। MRPL ने बताया कि उसके पास संचालन बनाए रखने के लिए पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित है।
कुवैत के तेल में बढ़ोतरी दर्ज
इस बीच,कुवैत के तेल में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (केपीसी) के अनुसार, कुवैती तेल की कीमत में 5.67 अमेरिकी डॉलर की मामूली वृद्धि हुई है और यह 98.48 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल (पीबी) पर पहुंच गई है।
इस बीच, सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत की ऊर्जा भंडार स्थिति में सुधार हो रहा है। स्थिति में सुधार से हमारा आत्मविश्वास बढ़ रहा है। सरकारी सूत्रों ने पुनः पुष्टि की है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं होगी। भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य स्रोतों से कच्चे तेल का आयात 10 प्रतिशत बढ़ा दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य स्रोतों से आयातित कच्चे तेल का आयात अब 60 प्रतिशत से बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया है।
एलपीजी की कीमतों में वृद्धि को लेकर कांग्रेस के आरोपों को भी सरकारी सूत्रों ने नकार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आरोप पूरी तरह निराधार है। यह बात केवल पेट्रोल और डीजल के संदर्भ में कही गई थी। एलपीजी के संदर्भ में नहीं। आज हम फिर से सभी को आश्वस्त करते हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं होगी।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि हमारी समीक्षा बैठकों में यह आभास हो रहा है कि हमारे ऊर्जा भंडार बेहतर हो रहे हैं। एक समय हम अपने एलपीजी भंडार को लेकर चिंतित थे, लेकिन अब स्थिति बेहतर है। कतर ने हमें आश्वासन दिया है कि मार्ग खुलते ही वह भारत को आपूर्ति फिर से शुरू कर देगा। हमारे पास एलएनजी का अतिरिक्त भंडार है। हमें कई देशों से एलएनजी के प्रस्ताव मिले हैं।
